Featured

खास रिपोर्ट: भारत उभरती विश्व ताकत- यूरोपीय संघ

भारत और यूरोपीय संघ

नई दिल्ली। भारत को उभरती विश्व शक्ति बताने और भारत  के साथ सामरिक साझेदारी के रिश्ते की अहमियत बताते हुए भारत के साथ सामरिक साझेदारी का रिश्ता मजबूत करने वाले यूरोपीय संघ के बयान का भारत ने स्वागत किया है।





गौरतलब है कि पिछले सप्ताह  27 यूरोपीय देशों के संगठन यूरोपीय संघ ने भारत के साथ रिश्तों को लेकर एक रणनीति प्रपत्र जारी किया है।  20  नवम्बर को जारी रणनीति प्रपत्र को यूरोपीय संघ ने नियम आधारित विश्व-व्यवस्था और सतत आधुनिकीकरण के लिये एक साझेदारी की  संज्ञा दी है।

भारत को उभरती विश्व ताकत बताने वाले यूरोपीय संघ के बयान में  मौजूदा बहुपक्षीय विश्व व्यवस्था में भारत को अहम भूमिका निभाने वाला बताया है। यह भी कहा है कि मौजूदा जटिल विश्व माहौल में भारत स्थिरता का एक बड़ा कारक है।

रिपोर्ट में भारत के सतत आर्थिक विकास  को रेखांकित किया गया है और कहा गया है कि भारत एक जीवंत आबादी वाला देश है जहां आधुनिकीकरण की प्रक्रिया तेज है जिसके मद्देनजर भारत और यूरोपीय संघ के बीच अधिक राजनीतिक, सामरिक औऱ रक्षा सहयोग की जरुरत है।

 साल 2004  में भारत के साथ सामरिक साझेदारी का रिश्ता स्थापित होने के बाद यूरोपीय संघ के साथ भारत का तालमेल काफी गहरा हो गया है। विदेश, सुरक्षा औऱ आर्थिक मसलों सहित दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग को गहरा करने के लिये तीस से अधिक वार्ता व्यवस्था चल रही है। दोनों के बीच सौ अरब डॉलर का आपसी व्यापार है जिससे यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार हो गया है। भारत के लिये यूरोपीय यूनियन विदेशी निवेश का सबसे बड़ा श्रोत बन गया है। 2000  से 2018  के बीच यूरोपीय यूनियन के सदस्य देशों ने भारत में 01 अरब डॉलर का निवेश किया।

Comments

Most Popular

To Top