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स्पेशल रिपोर्ट: मालदीव से हेलीकॉप्टर वापस नहीं लेना चाहता भारत

हेलिकॉप्टर

नई दिल्ली।  भारत द्वारा मालदीव को जो हेलीकॉप्टर भेंट में दिये गए थे भारत उन्हें वापस लेने से इनकार कर रहा है औऱ  इस आशय़   के मालदीव के आग्रह पर बात कर रहा है। यहां सरकारी सूत्रों ने इन रिपोर्टों से इनकार किया कि मालदीव से भारतीय हेलीकॉप्टर कुछ दिनों के भीतर वापस मंगवा लिये जाएंगे।





इस बारे में पूछे जाने पर यहां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि मालदीव सरकार से इस बारे में बातचीत चल रही है। उल्लेखनीय है कि भारत ने मालदीव के समुद्री  इलाकों की चौकसी के लिये 2013 में दो हेलीकॉप्टर भेंट मे दिये थे।

यहां माना जा रहा है कि पिछले कुछ सालों से मालदीव में भारत विरोधी राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने सत्तारुढ़ होने के बाद भारत से रक्षा रिश्तों का स्तर गिरा दिया है औऱ इसी के तहत मालदीव ने भारत से मिले हेलीकॉप्टर लौटाने को कहा है।  सामरिक पर्य़वेक्षक मालदीव के ताजा फैसले को चीन से विकसित सामरिक दोस्ती के मद्देनजर बता रहे है। लेकिन यहां सूत्रों ने कहा कि मालदीव सरकार के ताजा रुख पर भारत धैर्य से विचार कर रहा है औऱ फिलहाल इन हेलीकॉप्टरों को स्वदेश ले आने का कोई अंतिम फैसला नहीं किया गया है। इस बारे में मालदीव की सरकार से दो टूक बातचीत की जा रही है।

इनमें से एक  हेलीकॉप्टर मालदीव के दक्षिण में अड्डु स्थित गान  हवाई पट्टी पर तैनात  है जब कि दूसरा मालदीव के सुदूर उत्तर में लामू पर तैनात है। इन हेलीकाप्टरों का संचालन भारतीय नौसेना औऱ कोस्ट गार्ड द्वारा किया जाता है।  इनके लिये नौसेना और कोस्ट गार्ड के पायलट औऱ अन्य स्टाफ मालदीव में तैनात हैं।

ये हेलीकॉप्टर भारत और मालदीव के विशेष आर्थिक क्षेत्रों की चौकसी करते है। इनके अलावा वहां भारत का डोर्नियर टोही विमान भी तैनात है। सूत्रों के मुताबिक डार्नियर  और पी-8-आई टोही विमानों से भारत और मालदीव के समुद्री इलाकों की चौकसी जारी है।

भारत ने मालदीव के कोस्ट गार्ड को एक तेज गश्ती नौका भी कुछ साल पहले भेंट में दी थी। इस पोत का संचालन पहले की तरह चल रहा है लेकिन यहां सूत्रों का कहना है कि यदि मालदीव का ताजा रुख बरकरार रहा तो वह भारतीय पोत को भी वापस लेने को कह सकता है।  ध्यान रहे कि इस साल फरवरी में मालदीव ने पोर्ट् ब्लेयर में भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित मिलन साझा नौसैनिक अभ्यास में भाग लेने से मना कर दिया था।

उल्लेखनीय है कि मालदीव मे  आगामी सितम्बर में संसदीय  चुनाव होने वाले हैं लेकिन इसके पहले राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने सभी विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया है। भारत ने यहां कहा है  मालदीव  के   हालात पर भारत की नजदीकी नजर है। हमने मालदीव सरकार से आग्रह किया है कि जनतंत्र की राह पर लौटे औऱ राजनीतिक प्रक्रिया को भरोसेमंद तरीके से संचालित करे। यहां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि यह अहम है कि मालदीव में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिये समुचित माहौल बने।

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