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Special Report: भारत और रूस अतंरिक्ष सहयोग करेंगे और गहरा

ISRO

नई दिल्ली। भारत और रूस ने अतंरिक्ष क्षेत्र में आपसी सहयोग को गहरा करने का फैसला किया है। रूस के पूर्व उपप्रधानमंत्री और रूसी अतंरिक्ष संस्था रासकोस्मास के प्रमुख दिमित्री रोगोजिन की यहां भारतीय  सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ आपसी अतंरिक्ष सहयोग को गहरा करने के विभिन्न उपायों पर गहन बातचीत हुई।





 इस बातचीत के दौरान  रूस ने अपने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में  भारत की भागीदारी आमंत्रित की। रूस ने  पेशकश की कि भारत इस अंतरिक्ष स्टेशन में भाग ले सकता है। दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि दोनों देश अंतरिक्ष सहयोग को सामरिक नजरिये से देखें और आपसी विशेष सामरिक साझेदारी के अनुरूप अंतरिक्ष सहयोग को नई उंचाई तक ले जाएं। रूस ने कहा कि अतंरिक्ष प्रणालियां जैसे राकेट इंजन, प्रोपेलेंट, प्रापल्सन सिस्टम, अंतरिक्ष यान और प्रक्षेपण यान आदि भारत में भी बनवाई जा सकती हैं। इससे ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम को बढ़ावा मिलेगा।

इस बातचीत के दौरान रूस ने मानव युक्त अतंरिक्ष उड़ान गगनयान में पूरा सहयोग का वादा किया। यह यान 2022 में भारत की आजादी की 75वीं सालगिरह के मौके पर छोड़ा जाएगा। इस बातचीत के दौरान गगनयान मिशन के बारे में विस्तार से चर्चा की गई।

इस बातचीत के बारे में यहां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अतंरिक्ष में सहयोग भारत और रूस के बीच उच्च तकनीक का एक नया आयाम जोडने वाला है। रूसी नेता ने कहा कि रूस बाहरी अतंरिक्ष के शांतिपूर्ण इस्तेमाल में भारत को एक महत्वपूर्ण साझेदार मानता है।

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