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स्पेशल रिपोर्टः भारत और पाक के सैनिक साझा अभ्यास करेंगे रूस में

इंडो-पाक सेना

नई दिल्ली। भारत में आतंकवाद फैलाने वाले पाकिस्तान के साथ मिलकर पहली बार भारत और पाकिस्तान की सेनाएं 22 से 29 अगस्त के बीच रूसी शहर चेल्याबिंस्क में शांघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के झंडा तले आतंकवाद विरोधी साझा सैनिक अभ्यास में भाग लेंगे।





पीस मिशन-2018 के नाम से ज्ञात इस अभ्यास में रूस, पाकिस्तान, चीन, भारत, किर्गिजिस्तान, उजबेकिस्तान, ताजिकिस्तान और कजाकस्तान के तीन हजार से अधिक सैनिक भाग लेंगे। इस अभ्यास में भारतीय थलसेना की 5-राजपूत रेजिमेंट के दो सौ सैनिकों को भेजा जाएगा।

आजादी के बाद ऐसा पहली बार होगा जब एक-दूसरे को दुश्मन समझने वाले देशों की सेनाएं आतंकवाद विरोधी साझा सैन्य अभ्यास में अपने सैनिक साथ उतारेंगे। हालांकि दोनों देशों के सैनिकों ने संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षक मिशनों के तहत तीसरे देश में साथ मिल कर शांतिरक्षक भूमिका निभाई है। गौरतलब है कि भारत औऱ पाकिस्तान को 9 जून, 2017 को शांघाई सहयोग संगठन की सदस्यता मिली है।

इस अभ्यास के लिये भारतीय सैनिक रूसी परिवहन विमान आईएल-76 पर रूस रवाना होगे हालांकि अभ्यास में भारतीय सैनिकों को रूसी मूल के वे हथियार रूसी सेना ही मुहैया कराएगी जिनका इस्तेमाल भारतीय सैनिक करते हैं। उल्लेखनीय है कि भारतीय सेना के 70 प्रतिशत हथियार रूसी मूल के ही हैं। इस अभ्यास में केवल भारतीय थलसेना के जवान ही जाएंगे। भारतीय वायुसेना और नौसेना के जवानों को इस साझा अभ्यास से अलग रखा गया है क्योंकि शांघाई सहयोग संगठन का साझा अभ्यास मुख्य तौर पर आतंकवाद के खिलाफ आयोजित है। साझा अभ्यास में भाग लेने वाली भारतीय सैन्य टुकड़ी की अगुवाई ब्रिगेडियर रैंक के एक अफसर करेंगे। एससीओ का साझा सैन्य अभ्यास साल में दो बार होता है। इस संगठन के दो अन्य भागीदार देश भारत और चीन के सैनिक पहले भी साझा अभ्यास करते रहे हैं। इस साल सितम्बर में भारत औऱचीन के सैनिकों के बीच दिवपक्षीय अभ्यास सितम्बर में करने की योजना है।

 

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