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स्पेशल रिपोर्ट: भारत और जापान आपसी सुरक्षा सहयोग गहरा करेंगे

भारत और जापान के प्रधानमंत्री

नई दिल्ली। भारत और जापान समुद्री सुरक्षा और रक्षा साज-सामान के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और गहरा करेंगे। दोनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्रालयों के आला अधिकारियों ने यहां हुई बैठक के दौरान सहयोग गहरा करने के नये उपायों पर बातचीत की है।





दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि एक स्वतंत्र और खुला सागर के लिये दोनों मिलकर काम करेंगे और इसके अलावा क्षेत्र की स्थिरता और समृद्धि के लिये भी आपसी सहयोग करेंगे। इस बैठक के बारे में आधिकारिक बयान में हालांकि किसी खास इलाके या देश का नाम नहीं लिया गया है लेकिन यह माना जा रहा है कि दोनों पक्ष दक्षिण चीन सागर के इलाके में चीन के आक्रामक और विस्तारवादी रवैये से चिंतित हैं और इसी इलाके में शांति व सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये आपसी सहयोग को गहरा करने का संकल्प दोनों देशों ने जाहिर किया है।

यह बातचीत टू प्लस टू डायलाग नाम से हुई। वार्ता प्रक्रिया के तहत यहां मंगलवार को सम्पन्न हुई। इस बातचीत में दोंनों देशों के रक्षा और विदेश सचिवों की अगुवाई में शिष्टमंडल शामिल हुए। भारत की ओर से विदेश सचिव विजय गोखले और रक्षा सचिव संजय मित्र और जापान की ओर से विदेशी मामलों के सीनियर डिपुटी मिनिस्टर तेकियो मोरी और रक्षा मामलों के वाइस मिनिस्टर रो मानाबे ने भारत और जापान का प्रतिनिधित्व किया। यहां जापानी दूतावास द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक  मौजूदा विश्व और क्षेत्रीय माहौल पर विचारों का आदान प्रदान हुआ। दोनों पक्षों ने एक दूसरे की मौलिक समझ को साझा किया।

इस वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने  कहा कि विभिन्न क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों में भारत और जापान के बीच सहयोग जरूरी होता जा रहा है। दोनों पक्ष इस बात पर भी सहमत हुए कि भारत की एक्ट ईस्ट पालिसी और जापान की फ्री एंड ओपन इंडोपेसिफिक स्ट्रैटजी में तालमेल बैठाएंगे। इसी सोच के तहत दोनों ने कहा कि समुद्री सुरक्षा और सैनिक साज सामान के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करेंगे।

उक्त मसलों के अलावा दोनों पक्षों ने उत्तर कोरिया मसला  औऱ दक्षिण एशिया  के मौजूदा हालात पर भी विचारों का आदान प्रदान किया।

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