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स्पेशल रिपोर्ट: अफ्रीकी देशों के लिए मिलकर काम करेंगे भारत व जर्मनी

एंजेला मर्केल और पीएम मोदी
प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली। भारत और जर्मनी अब साथ मिल कर अफ्रीकी देशों के विकास के लिये संयुक्त तौर पर कार्यक्रम चलाएंगे। यहां जर्मनी के राजदूत डा. मार्टिन ने बताया कि विकास कार्यों में भारत के ज्ञान से लाभ उठाकर दोनों देश अफ्रीका में साझेदारी से काम कर सकते हैं।





गौरतलब है कि जर्मन भारत के एक अग्रणी विकास सहायता देशो में है। इस विकास सहायता को जारी रखने के लिये जर्मनी से एक उच्चस्तरीय दल भारत मे है। गुरुवार को ही इस दल ने भारत सरकार के साथ एक दिवपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किया है जिसके तहत 2019 के लिये जर्मनी भारत को साढ़े 76 करोड़ यूरो की मदद देने को तैयार हो गया है जिसके जरिये भारत के पिछड़े इलाकों में कई तरह के विकास कार्यक्रमों को संचालित करने में मदद करेगा। इसके अलावा जर्मनी ने भारत के गंगा सफाई मिशन में भी सहयोग देने का वादा किया है। जर्मनी भारत के स्मार्ट सिटी प्रोग्राम में भी सहयोग कर रहा है।

राजदूत ने कहा कि जर्मनी ने अपनी राइन नदी को साफ करने का वृहद कार्यक्रम चलाया था । इसी तरह भारत भी जर्मनी की विशेषज्ञता से लाभ उठा सकता है।

राजदूत ने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच सामरिक साझेदारी का रिश्ता है इसलिये भारत जर्मनी के रिश्तों में विकास साझेदारी का रिश्ता भी काफी अहमियत रखता है। भारत अंतरराष्ट्रीय विकास का एक इंजन माना जाता है इसलिये भारत के विकास में जर्मनी की भी विशेष रुचि है। राजदूत ने कहा कि भारत जर्मनी से सबसे अधिक सहायता हासिल करने वाला देश है। इसके तहत जर्मनी भारत को तकनीकी और वित्तीय मदद दे कर भारत के समग्र विकास में सहयोग करता है।

जर्मनी और भारत के बीच रिश्ता समानता और जनतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है। दोनों देशों का एक दूसरे पर उच्चस्तर का भरोसा बना है। जिसके आधार पर दोनों देश अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी आपसी सहयोग औऱ सलाहमशविरा करते हैं। गौरतलब है कि भारत और जर्मनी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिये एक दूसरे को समर्थन करते हैं।

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