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स्पेशल रिपोर्ट: विदेश सचिव गोखले ने किया भूटान का अहम दौरा

विदेश सचिव गोखले

नई दिल्ली। भूटान के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री डा. लोते त्शेरिंग जल्द ही भारत का दौरा करेंगे। भूटान के चुनाव सम्पन्न होने और सरकार गठन के बाद विदेश सचिव का भूटान का 18 से 20 नवम्बर तक अहम दौरा हुआ है जिस दौरान उन्होंने भूटान के अपने समकक्ष, विदेश मंत्री, प्रधानमंत्री और राजा से मुलाकात की।





इस दौरे की यहां विदेश मंत्रालय के एक आधिकारिक सूत्र ने जानकारी दी औऱ कहा कि भूटान के नये प्रधानमंत्री का भारत दौरा निकट भविष्य में हो सकता है। सूत्र ने कहा कि भूटान के प्रधानमंत्री ने तुरंत ही सत्ता सम्भाली है इसलिये वह  निकट भविष्य में भारत का दौरा करेंगे।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि विदेश सचिव ने भूटान के प्रधानमंत्री को बताया कि भारत भूटान के साथ अपने रिश्तों को काफी अहमियत देता है।  भूटान के साथ दोस्ती और सहयोग का अनोखा रिश्ता है जिसे भूटान सरकार की प्राथमिकता के आधार पर  भारत और विस्तार देना चाहता है।  विदेश सचिव विजय गोखले ने भूटानी नेताओं के साथ आपसी हितों के सभी पहलुओं पर चर्चा की। इसमें उच्चस्तरीय दौरों पर भी बातचीत शामिल है। दोनों पक्षों के बीच आर्थिक आदान प्रदान और पनिबजली परियोजनाओं में सहयोग पर भी बातचीत हुई।

विदेश सचिव ने भूटान के राजा जिगमे शेखर नामयेल वांगचुक और उनके पिता चौथे राजा जिगमे सिंघे वांगचुक से भी शिष्टाचार मुलाकात की।

भारत और चीन के बीच स्थित  भूटान की ओर चीन की ललचाई नजरों के मद्देनजर भारत और भूटान के बीच नजदीकी रिश्तों का बना रहना काफी अहम है। चीन औऱ भूटान के बीच गहरे सीमा विवाद हैं और आरोप है कि भूटान के बड़े भूभाग पर चीन का कब्जा है जिसे चीन छोड़ने को तैयार नहीं।  भूटान पर चीन अपनी छाप छोडने की कोशिश कर रहा है इसलिये भारत ने भूटान के साथ सर्वोच्च स्तर पर आदान प्रदान जारी रख कर आपसी भरोसा बनाए रखने की कोशिश की है।

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