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स्पेशल रिपोर्ट: भारत-अमेरिकी विदेश और रक्षा अधिकारियों की पहली बैठक

भारत और अमेरिकी विदेश

नई दिल्ली। पिछले सितम्बर महीने में भारत और अमेरिकी विदेश और रक्षा मंत्रियों की पहली साझा टू प्लस टू डायलॉग के तहत ऐतिहासिक बैठक में हुई सहमतियों और नीतिगत फैसलों को व्यवहार में लाने के लिये दोनों देशों के रक्षा और विदेश मंत्रालयों की यहां 11 जनवरी को पहली बैठक हुई। दोनों देशों के संयुक्त सचिव स्तर की इस बैठक में हिन्द प्रशांत इलाके के ताजा हाल पर चर्चा के अलावा अफगानिस्तान की मौजूदा स्थिति पर बातचीत हुई।





इस बैठक के लिए भारत के विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव गौरंगलाल दास और रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव शम्भू कुमारन ने भाग लिया। अमेरिका की ओर से विदेश विभाग में प्रिंसिपल डिप्टी अस्सिटेंट सेक्रेटरी ऐलिस वेल्स और रक्षा विभाग में रैंडल श्रीवर ने भाग लिया। संयुक्त सचिव स्तर की इस पहली बैठक को दोनों देशों ने अंतर सत्र बैठक की संज्ञा दी है। दोनों देशों ने प्रेस बयान जारी कर इस पहली अहम बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि रक्षा और विदेश से जुड़े मसलों पर इस बैठक में गहन चर्चा की गई।

इसके अलावा दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक मसलों पर भी विचारों का आदान प्रदान किया। दोनों देशों के बीच मजबूत सामरिक साझेदारी को और आगे बढ़ाने के बारे में बातें  हुईं। हिन्द प्रशांत इलाके के हितधारक और साझेदार  होने के नाते दोनों पक्षों ने इस इलाके में शांति और स्थिरता बनाये रखने के बारे में भी बातचीत हुई।

गौरतलब है कि भारत द्वारा रूसी एंटी मिसाइल प्रणाली  एस- 400 के  सौदे के बाद भारत और अमेरिका के बीच विवाद पैदा हो गया था। अमेरिका ने भारत पर प्रतिबंध लगाने की धमकी दी थी लेकिन बाद में अमेरिका इस मसले पर मौन हो गया। अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिकी फौज की वापसी और तालिबान के वहां सत्ता में लौटने को लेकर भी। चिंता बनी हुई है। इन मसलों पर साझा बैठक में चर्चा हुई है।

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