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स्पेशल रिपोर्ट: भारत वियतनाम बैठक में चीन के रवैये पर होगी चर्चा

सुषमा स्वराज वियतनाम के राष्ट्रीपत के साथ
सुषमा स्वराज वियतनाम के राष्ट्रीपत के साथ (फाइल फोटो)

नई दिल्ली। भारत और वियतनाम के बीच आपसी सहयोग को औऱ गहरा करने के इरादे से दोनों देशों के साझा संयुक्त आयोग की अगस्त के अंत में बैठक होगी जिसकी सहअध्यक्षता करने के लिये विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अगस्त के अंत में वियतनाम का दौरा करेंगी। माना जा रहा है कि वियतनाम औऱ चीन के बीच विकसित होते तनावपूर्ण रिश्तों और वियतनाम की सामरिक क्षमता को मजबूत करने के मसलों पर भी विदेश मंत्री स्वराज के वियतनाम दौरे में चर्चा होगी।





यहां वियतनाम के राजदूत तोन सिन्ह थान्ह ने मीडिया से एक बातचीत में यह जानकारी देते हुए संकेत दिया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी साल के अंत तक वियतनाम का दौरा करेंगे। राजदूत ने कहा कि भारत औऱ वियतनाम के रिश्ते सदा से मधुर रहे हैं और अब दोनों देश आपसी समग्र साझेदारी के रिश्तों की दूसरी सालगिरह भी मनाने वाले हैं। वियतनाम ने इस तरह का समझौता भारत के अलावा रूस औऱ चीन के साथ ही किया है।

इंडियन वुमन प्रेस कोर (आईडब्लूपीसी) की एक बैठक में राजदूत ने कहा कि दोनों देशों के बीच समग्र सामरिक साझेदारी के रिश्ते तीन खम्भों पर ख़ड़े हैं- राजनयिक और राजनीतिक, सामरिक औऱ सुरक्षा और आर्थिक व व्यापार। दोनों देशों के बीच तीनों क्षेत्र में सहयोग का आधार गहरा बनाया जा रहा है। सामरिक क्षेत्र में दोनों के बीच रिश्तों को मजबूती देने के लिये नियमित रक्षा वार्ता भी हो रही है। उन्होंने कहा कि इसकी अगली बैठक जल्द ही होगी।

यह पूछे जाने पर कि वियतनाम को ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल सप्लाई करने के वियतनामी आग्रह पर भारत ने क्या फैसला लिया है राजदूत ने इस बारे में कोई जानकारी होने से इनकार किया। उल्लेखनीय है कि वियतनाम के नेताओं ने सार्वजनिक तौर पर कई बार कहा है कि वियतनाम भारत से आग्रह कर रहा है कि ब्रह्मोस मिसाइलों की सप्लाई जल्द करे। लेकिन चीन के साथ भारत के संवेदनशील रिश्तों की वजह से भारत वियतनाम के इस आग्रह पर कोई फैसला नहीं ले रहा है।

एक अन्य सवाल के जवाब में राजदूत ने कहा कि दक्षिण चीन सागर के स्प्रातली औऱ पारासेल द्वीपसमूहों पर वियतनाम की सम्प्रभुता के ऐतिहासिक प्रमाण वियतनाम के पास हैं। यहां के समुद्री इलाके के संसाधनों पर वियतनाम का ही प्रादेशिक अधिकार है। चीन ने इन द्वीपों पर अपना अधिकार जताया है और वहां के इलाके में अपनी सैनिक तैनाती बढ़ा रहा है।

चीन के बेल्ट एंड रोड प्रोजेक्ट के बारे में पूछे जाने पर राजदूत ने कहा कि यदि यह वियतनाम के हित में होगा तो वियतनाम इसमें शामिल होगा लेकिन इस मसले पर वियतनाम ने कोई आधिकारिक राय नहीं अपनाई है।

भारत और वियतनाम के बीच आर्थिक व व्यापारिक रिश्तों के बारे में पूछे जाने पर राजदूत ने कहा कि यह महज छह अरब डालर का है जो दोनों देशों की क्षमताओं के अनुरूप नहीं है। परमाणु ऊर्जा के बारे में पूछे जाने पर राजदूत ने कहा कि दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण इरादों के लिये परमाणु शोध में साझा सहयोग चल रहा है।

 

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