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स्पेशल रिपोर्ट: चीन का नेपाल में नया दांव, खोलेगा रक्षा विश्वविद्यालय

नेपाल के पीएम और शी जिनपिंग

नई दिल्ली। चीन ने नेपाल के इस आग्रह को मान लिया है कि वह नेपाल में एक रक्षा विश्वविद्यालय की स्थापना में मदद करेगा। नेपाल के उपप्रधानमंत्री और रक्षामंत्री ईश्वर पोखरेल ने चीन के दौरे पर रविवार को चीनी रक्षा मंत्री जनरल वेइ फंग हे से पेइचिंग में मुलाकात की और आपसी सहयोग को और गहरा करने और विस्तार देने के मसले पर गहन बातचीत की।





चीन के रक्षा मंत्री जनरल फंग ह ने नेपाली रक्षा मंत्री के इस आग्रह पर सकारात्मक विचार करते हुए कहा कि नेपाल और चीन को इस मसले पर आगे के सलाह-मशविरे के दौरान चर्चा होनी चाहिये। इस दौरे में दोनों रक्षा मंत्रियों ने सहयोग गहरा करने के लिये सहमति के एक ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किये।

…तो चीन परस्त बन जाएंगे नेपाल के सैन्य अधिकारी

गौरतलब है कि नेपाल और चीन के बीच हाल के वर्षों में रक्षा सम्बन्ध और आदान-प्रदान ने काफी  विस्तार लिया है। लेकिन अब नेपाल द्वारा चीन की मदद से काठमांडु में विश्वविद्यालय खोलने का आग्रह रिश्तों को नया आयाम देगा। चूंकि चीन की मदद से खोले गए इस विश्वविद्यालय में चीन के विशेषज्ञ होंगे और वहां चीनी अकादमिक पाठ्यक्रम को ही मुख्य आधार बनाया जाएगा इसलिये यहां  सामरिक हलकों में नेपाल और भारत के भविष्य के रक्षा रिश्तों को लेकर चिंता जाहिर की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की मदद से खोला गया विश्वविद्यालय नेपाल के सैन्य अधिकारियों को चीन परस्त बना देगा और भावी पीढ़ी के नेपाली सैन्य अधिकारी चीन से अपने रिश्तों को विशेष अहमियत देंगे।

भाईचारे जैसा रिश्ता रहा है नेपाल और भारत के सैन्य बलों के बीच

नेपाल और भारत के सैन्य बलों के बीच भाईचारे जैसा रिश्ता रहा है। नेपाल और भारत के सेना प्रमुखों को भारत में विशेष सम्मान दिया जाता है। नेपाल के गुरखा सैनिकों की भारतीय थलसेना में भर्ती की जाती है और हजारों गुरखा सैनिक रिटायर होने के बाद भारतीय थलसेना की ओर से पेंशन पाते हैं। इस नाते भारत औऱ नेपाल की सेनाओं के बीच भावनात्मक लगाव रहता है।

नेपाल-चीन के बीच बढ़ा साझा अभ्यासों का स्तर

नेपाल और चीन के बीच साझा अभ्यासों का स्तर न केवल बढ़ाया गया है बल्कि नेपाली सेना को चीन ने कई तरह के सैनिक साज सामान की मदद भी दी है। रक्षा मंत्री पोखरेल के ताजा नेपाल दौरे में चीन नेपाल की सेना को एक और अहम मदद देते हुए कहा है कि शांतिरक्षक मिशनों में नेपाल की क्षमता बढ़ाने के लिये नेपाल की सेना को सैनिक सहायता पिछले साल से दोगुना कर दी है। नेपाल सरकार की एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक चीन अगले पांच साल तक के लिये नेपाल को सालाना 25 लाख नेपाली रुपये की मदद देगा। चीन नेपाली सेना को आपदा प्रबंध सैन्यसाज सामान के मामले में मदद देता रहा है।

गौरतलब है कि भारतीय सेना ही अब तक नेपाली सेना के सैनिक साज सामान की सप्लाई के लिये मुख्य स्रोत रहा है। लेकिन चीन द्वारा नेपाल को मदद का दायरा लगातार बढ रहा है जिससे भारत के सामरिक हलकों में चिंता जाहिर की जा रही है।

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