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स्पेशल रिपोर्ट: हिंद महासागर में भारत के नेतृत्व का ऑस्ट्रेलिया स्वागत करेगा

सुषमा स्वराज के साथ ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री मेरिस पाएन

नई दिल्ली। हिंद महासागर में भारत के साथ सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के ऐलान के साथ ऑस्ट्रेलिया ने कहा है कि वह हिंद महासागर में भारत के नेतृत्व का स्वागत करता है।





ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री मेरिस पाएन ने यहां आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन चौथे रायसीना डायलाग  में कहा कि  ऑस्ट्रेलिया हिंद महासागर में भारत के साथ सामरिक साझेदारी का गहरा रिश्ता विकसित करना चाहता है। वह इस इलाके में भारत के सामरिक ध्रुव बनने को समर्थन देगा। इस इलाके में क्षेत्रीय शांति व स्थिरता को बढ़ावा देने के लिये क्षेत्रीय संस्थाएं बनाने में मदद देगा और ऐसे कायदे बनाने में सहयोग देगा जिससे खुलापन को बढ़ावा मिलता हो और क्षेत्रीय शांति का प्रबंध करने में मदद मिलती हो।

पाएन ने कहा कि इस इलाके में जो अनिश्चितता बनी हुई है और जिस तरह होड़ बढ़ रही है उसके मद्देनजर हमें किसी तरह की ढील नहीं देनी चाहिये। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया का मानना है कि  हिंद प्रशांत इलाके को खुला रखने, समृद्ध बनाने औऱ स्थिर रखने में सभी देशों के साझा हित हैं। इसलिये स्थिरता को बढ़ावा देने के लिये जो अंतरराष्ट्रीय नियम बनाए गए हैं सभी देशों को उनकी रक्षा के  लिये मिलकर काम करने की जरुरत है।

गौरतलब है कि  हिंद महासागर के इलाके में चीनी सैन्य गतिविधियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय सामरिक हलकों में चिंता जाहिर की जाती रही है और चीन का मुकाबला करने के लिये भारत का साथ देने की बात बड़ी ताकतें करने लगीं हैं। इसके मद्देनजर ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री ने रायसीना डायलॉग में यह अहम बयान देकर भारत का मनोबल बढ़ाया है।

पाएन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय अपराध , आतंकवाद , मानव तस्करी  और गैरकानूनी मछली पक़ड़ने, मानवीय और पर्यावरणीय चुनौतियां आदि से निबटने में भी ऑस्ट्रेलिया के भारत के साथ समान चिंताएं हैं।

पाएन ने ऐलान किया कि इस उद्देश्य से इस साल मार्च में ऑस्ट्रेलिया की  सबसे बड़ी नौसैनिक तैनाती इंडो पेसिफिक एंडेवर भारत के  विशाखापतनम और चेन्नै नौसैनिक अड्डों पर आयोजित होगी। इसमें ऑस्ट्रेलिया की नौसेना के पांच युद्धपोत भेजे जाएंगे। इसमें एक फ्रिगेट, एक हेलिकॉप्टर लैंडिंग डाक और एक मालवाहक पोत शामिल होंगे। इस नौसैनिक बेड़े में ऑस्ट्रेलियाई सैन्य बलों के 14 सौ से अधिक जवान भी शामिल होंगे।

पाएन ने कहा कि भारत के साथ तालमेल  हिंद महासागर में आस्ट्रेलिया की इस साल की नौसैनिक तैनाती की मुख्य बात होगी। इस दौरान दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच दिवपक्षीय नौसैनिक अभ्यास आसइंडेक्स (AUSINDEX)  भी आयोजित होगी। ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री ने बताया कि साल 2014 में ऑस्ट्रेलिया औऱ भारत के सैन्य बलों के  बीच 11 गतिविधियां आयोजित हुईं जो साल 2018 के दौरान बढ़कर 38 हो गईं।

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