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स्पेशल रिपोर्ट: कलाकार भी मजबूत करेंगे भारत-रूस सामरिक रिश्तों को

पीएम मोदी और पुतिन
फाइल फोटो

नई  दिल्ली।  भारत औऱ रूस के बीच तेजी से उभरती सामरिक साझेदारी को मजबूत करने के लिये दोनों देश कलाकारों का इस्तेमाल करेंगे।





 इसके लिये  सांस्कृतिक आदान प्रदान और मेलजोल को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। यहां रुस के राजदूत  निकोलाई कुदाशेव  ने डेज आफ  रशियन कल्चर इन इंडिया की जानकारी देते हुए कहा कि भारत औऱ रूस के बीच सांस्कृतिक सहयोग औऱ आदान प्रदान का पिछली शताब्दी के शुरू  से ही लम्बा  इतिहास रहा है। उन्होंने बताया कि रूसी सांस्कृतिक पर्व नई दिल्ली में 28 अक्टूबर से शुरु होगा औऱ देश के कई अग्रणी शहरों में इसके तहत  रुसी नृत्य, संगीत औऱ कला का प्रदर्शन किया जाएगा।

गौरतलब है कि भारत और रूस ने हाल में अपनी सामरिक साझेदारी को मजबूत करते हुए पांच अरब डालर का एस-400 एंटी मिसाइल प्रणाली का सौदा कर अपने सामरिक रिश्तों की अहमियत दुनिया को बताई है।

इस मौके पर भारतीय सांस्कितक सम्बन्ध परिषद (आईसीसीआऱ) की महानिदेशक रिया गांगुली दास ने कहा कि 20वीं सदी  के शुरु से ही भारत से कलाकार रूस जाते रहे हैं। इस तरह रुस के साथ राजनीतिक औऱ सामरिक मोर्चे में  रिश्तों को गहरा करने  में मदद मिलती है।  महानिदेशक ने कहा कि रूसी कलाकारों का भारत में स्वागत औऱ आतिथ्य प्रदान करने में उन्हें खुशी हो रही है।

रूसी राजदूत ने कहा कि  रूसी सांस्कृतिक कार्यक्रम नई दिल्ली, जयपुर, चेन्नै , कोलकाता , हैदराबाद औऱ चंडीगढ़ में दिसम्बर तक आय़ोजित होंगे। इसका पहला कार्यक्रम रिवर्स मास्को म्युजिकल थियेटर दवारा 28अक्टूबर को  कमानी आडिटोरियम में आयोजित होगा।

रूसी राजदूत ने कहा कि भारत हमेशा से ही रुस का दोस्त साझेदार रहा है और परस्पर लाभ के लिये साझा काम करने को हमेशा उत्सुक रहा है। भारत-रूस रिश्तों में सांस्कृतिक सहयोग एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। जनता स्तर पर सम्पर्क मजबूत करने के लिये एक दूसरे के यहां कलाकारों की टीम दौरे करती रही है।

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