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स्पेशल रिपोर्ट: तीन दशक बाद सेना को मिलेंगी नई होवित्जर तोपें

Hoofitzer Gun
होवित्जर तोप (फाइल फोटो)

नई दिल्ली। करीब तीन दशक बाद भारतीय थलसेना फिर से 155  मिमी की होवित्जर तोपों से लैस होने जा रही है। महाराष्ट्र के देवलाली में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण नौ नवम्बर को  के-9 वज्र तोपों के साथ एम-777  अल्ट्रा लाइट होवित्जर तोपों को भी थलसेना को  सौंपने का सिलसिला शुरु करेंगी।





यहां रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि दक्षिण कोरिया में बनी के-9 वज्र तोपों और अमेरिका में बनी एम-777  तोपों को भारतीय सेना में शामिल करने की प्रक्रिया शुरु होगी।

दक्षिण कोरिया में बनी के-९ वज्र सेल्फ प्रोपेल्ड  तोपों के आयात के लिये 9 मई, 2017  को करार किया गया था.। यह सौदा 4366  करोड़ रुपये का था। इसके तहत दस तोपों को  नवम्बर महीने तक शामिल किया जा रहा है। इसके बाद अगले साल नवम्बर तक  40 और तोपों का आयात हो जाएगा। फिर नवम्बर, 2020  तक 50  तोपों का आयात पूरा कर लिया जाएगा।

इन तोपों की मारक दूरी  28  से  38 किलोमीटर है। ये तोपें बर्स्ट मोड में  30  सेकंड में तीन राउंड गोले दागती हैं जब कि इनटेंस मोड में तीन मिनट में  15  राउंड और सस्टेंड मोड में तीन मिनट में  60  राउंड गोले दाग सकती हैं। ये तोपें राइफलों की तरह डायेरेक्ट फायर भी कर सकती हैं लेकिन इनकी मारक दूरी केवल एक किलोमीटर रह जाती है। इनडायरेक्ट फायर में ये तोपें किसी  बाधा को पार कर गोले गिराती हैं।

इसके अलावा थलसेना को चीन से लगे पहाड़ी इलाकों पर तैनात करने के लिये अमेरिकी एम-777  तोपों की सप्लाई भी शुरु हो चुकी है जिसे सेना में शामिल करने की प्रक्रिया रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण देवलाली में करेंगी।

एम-777  वर्ग की तोपो का सौदा  30  नवम्बर, 2016  को सम्पन्न हुआ था। करीब पांच हजार करोड रुपये से अधिक की लागत की ये तोपें सितम्बर में आनी शुरु हो गई थीं। ऐसी पांच तोपें शुक्रवार को सेना को सौंपी जाएगी। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक हर महीने पांच तोपों की डिलीवरी सेना को होने लगेगी। इसकी पहली रेजीमेंट अक्टूबर,2019  तक पूरी हो जाएगी। ये तोपें हेलीकाप्टर औऱ विमानों से सैन्य ठिकानों पहुंचाई जा सकती हैं। इन तोपों की मारक दूरी  30  किलोमीटर होगी।

इन तोपों को जरुरत की जगहों तक पहुंचाने के लिये कम्पोजिट गन ट्रैक्टर भी हासिल कर लिये गए हैं. इन्हें भी रक्षा मंत्री सेना को सौंपेंगी। ये तोपें 130  और 155 मिमी. की तोपों को खींच सकती हैं। ये ट्रेक्टर दो टन के वजन तक के गोलाबारूद भी ढो सकते है। इनकी अधिकतम गति 80  किलोमीटर होगी जब कि तोपों के साथ .ये   50 किलोमीटर की गति से चल सकते हैं।

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