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स्पेशल रिपोर्ट: अफगानी सुरक्षा सलाहकार भारत में- अजीत डोभाल से चर्चा

नई दिल्ली। अफगानिस्तान में तेजी से गिरते सुरक्षा व राजनीतिक हालात के मद्देनजर अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डा. हमीदुल्ला मोहिब ने यहां भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ अहम बातचीत की है।





डॉ. मोहिब तीन जनवरी को भारत दौरे पर अजीत डोभाल के निमंत्रण पर आए। वह पांच जनवरी को लौटेंगे। अफगानी सुरक्षा सलाहकार ने यहां  अफगानिस्तान के ताजा घटनाक्रम पर अजीत डोभाल के साथ गहन बातचीत की है। अफगानिस्तान से अमेरिका द्वारा अपनी  फौज हटा लेने के ऐलान के बाद इस बात की प्रबल शंका जाहिर की जा रही है कि अफगानिस्तान पर जल्द ही पाकिस्तान की शह वाले तालिबान का कब्जा हो जाएगा और वहां जनतांत्रिक सरकार को गिरा दिया जाएगा।

यहां अधिकारियों ने बताया कि डा. मोहिब ने अजीत डोभाल को अफगानिस्तान के ताजा सुरक्षा हालात की जानकारी दी और हाल के संसदीय चुनावों के बाद के राजनीतिक हालात  और राष्ट्रपति पद  के लिये होने वाले चुनावों की तैयारी की भी जानकारी दी।

तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद अफगानिस्तान में भयंकर गृहयुद्ध छिड़ने की शंका भी जाहिर की जा रही है। गौरतलब है कि अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में लौटने की शंका के मददेनजर वहां भारत द्वारा किया गया निवेश खटाई में पड़ने की बातें की जा रही हैं। भारत ने वहां विकास औऱ पुनर्निर्माण पर तीन अरब डालर से भी अधिक के निवेश किये हैं और वहां सैंकड़ों भारतीय इन विकास कार्यों में जुटे हैं। शंका है कि तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद भारत को अफगानिस्तान छोड़ना होगा क्योंकि वहां भारतीयों की सुरक्षा का भारी संकट पैदा हो जाएगा।

अजीत डोभाल ने अफगानी सलाहकार को भरोसा दिया है कि अफगान में चल रहे सभी शांति प्रयासों को वह समर्थन देगा लेकिन यह अफगानियों द्वारा ही संचालित होना चाहिये।  भारत ने कहा है कि शांति प्रयासों में जुटे अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को यह देखना होगा कि अफगानी लोगों की इच्छाओं को ध्यान में रखा जाए। भारत ने कहा है कि अफगानिस्तान में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से देश में जनतंत्र की जड़ें मजबूत होंगी।

अफगानिस्तानी सुरक्षा सलाहकार ने अजीत डोभाल को अफगानिस्तान का दौरा करने का निमंत्रण दिया है जिसे स्वीकार किया गया।

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