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स्पेशल रिपोर्ट: नेवी डे के मौके पर एडमिरल लांबा ने कहा- हिंद महासागर पर दुनिया की नजर

एडमिरल सुनील लांबा
एडमिरल सुनील लांबा (फाइल फोटो)

नई दिल्ली। पूरी दुनिया का ध्यान हिंद महासागर पर केन्द्रित हो गया है और यहां भारतीय नौसेना को प्रमुख सुरक्षा प्रदाता के तौर पर देखा जाने लगा है। इसके मदद्नेजर भारतीय नौसेना अपनी क्षमता बढ़ा रही है और इस इरादे से नौसेना में 56 नए पोतों को अगले दस सालों के भीतर शामिल करने की योजना पर काम चल रहा है।





नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने यहां नौसेना दिवस के मौके पर मीडिया को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारतीय सुरक्षा के समुद्री आयाम को अब लोग समझने लगे है। हिंद महासागर का भारत की आर्थिक समृद्धि औऱ राष्ट्रीय विकास में विशेष स्थान है। इसी के मद्देनजर हमारी समुद्रुी सुरक्षा रणनीति एक अनुकूल समुद्री माहौल प्रदान करने पर आधारित है। इसका उद्देश्य भारतीय समुद्री इलाके को सभी पारम्परिक औऱ गैरपारमपरिक खतरों से दूर रखना है।

इसी संदर्भ में नौसेना प्रमुख ने कहा कि भारतीय नौसेना ने अपनी परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत की पहली समुद्री गश्ती पूरी कर ली है। इसके साथ ही हमने अपने परमाणु त्रिकोण को हासिल कर अपनी प्रतिरोधक गश्ती पूरी कर ली है। गौरतलब है कि अरिहंत परमाणु पनडुब्बी में परमाणु बम से लैस बैलिस्टिक मिसाइल तैनात की गई है लेकिन इस बारे में नौसेना प्रमुख ने कोई टिप्पणी करने से मना कर दिया।

नौसेना प्रमुख ने बताया कि नौसेना के लिये छह और पनडुब्बी की खरीद के प्रस्ताव पर काम हो रहा है औऱ इनके भारत में निर्माण के लिये सामरिक साझेदारी का प्रारुप तैयार हो गया है । ये पनडुब्बियां विदेशी सहयोग से भारत में ही बनेंगी।

एडमरिल लाबा ने कहा कि पिछले साल हमने अपने समुद्री इलाके में युद्धपोतों की ऑपरेशनल ड़िप्लायमेंट फिलॉस्फी की एक गहन समीक्षा की है। उन्होंने कहा कि 2008 के बाद से समुद्री डाकुओं के खिलाफ अभियान के तहत 70 युद्धपोत तैनात किये हैं जिसने समुद्री डाकाजनी की 44 कोशिशों को नाकामयाब किया है और 120 डाकुंओं को पकड़ा है। इससे यह पता चलता है कि एक सुरक्षित समुद्री माहौल मुहैया कराने के लिये भारतीय नौसेना क्या कर रही है।

हिंद महासागर में चीन की नौसेना के विचरण करने के बारे में नौसेना प्रमुख ने कहा कि किसी भी समय चीन के सात से आठ युद्धपोत हिंद महासागर में रहते हैं। गत अक्टूबर माह में चीन की एक पारम्परिक पनडुब्बी एक महीने के लिये हिंद महासागर में घूमती हुई देखी गई थी।

एक अन्य सवाल के जवाब में नौसेना प्रमुख ने कहा कि मालदीव के साथ भारत के रक्षा सम्बन्ध अब सामान्य हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि श्रीलंका और मालदीव के साथ भारत का त्रिपक्षीय नौसैनिक अभ्यास जल्द ही होगा।

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