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पाकिस्तान 1971 की जंग में करारी शिकस्त से अब तक उबर नहीं पाया : बीएसएफ महानिदेशक

बीएसएफ महानिदेशक
बीएसएफ महानिदेशक के के शर्मा (फाइल फोटो)

नई दिल्ली। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को लेकर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के प्रमुख के. के. शर्मा ने कहा है कि मैं नहीं कह सकता कि (सीमा पार) कब और कैसे बगैर उकसावे की फायरिंग और संघर्षविराम के उल्लंघन होंगे, पर हम किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान 1971 की जंग में भारत से मिली करारी शिकस्त से अब तक उबर नहीं सका है। बीएसएफ सीमा पर घुसपैठ तथा बिना उकसावे के की जानेवाली फायरिंग से रक्षात्मक और आक्रामक दोनों तरीके से निपटने के लिए तैयार हैं।





बीएसएफ के महानिदेशक के.के शर्मा ने एक साक्षात्कार में कहा कि जम्मू-कश्मीर में भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर ‘दोगुना से ज्यादा’ नुकसान करने के बाद भी ऐसी घटनाएं कम नहीं हुई हैं जिसमें आम नागरिकों, जवानों की जान चली जाती है और संपत्ति का नुकसान होता है।

के.के. शर्मा ने कहा कि अगर बड़ा हमला होता है तो हम दोनों तरह से तैयार हैं-  रक्षात्मक एवं आक्रामक तरीके से। बीएसएफ प्रमुख ने कहा कि मैं एक बात स्पष्ट करना चाहता हूं कि हम कभी ऐसे उल्लंघन की शुरुआत नहीं करते। दूसरी तरफ से इसकी शुरुआत होती है जिसके कारण हमें जवाबी कार्रवाई करनी होती है। उन्होंने कहा कि सीमा पर बगैर उकसावे की गोलीबारी की घटनाओं का एकमात्र मकसद भारत में आतंकवादियों को धकेलना है।

राजस्थान कैडर के 1982 बैच के आईपीएस ऑफिसर के. के. शर्मा ने कहा कि भारत शांति बनाए रखना चाहता है। यह पाकिस्तान सरकार की नीति है कि हमारे देश को अस्थिर करे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान 1971 के युद्ध, जिसकी वजह से बांग्लादेश का निर्माण हुआ, उस करारी हार से वह अब तक उबर नहीं पाया है।

 

 

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