Featured

रक्षा बजट में केवल 1.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी, सेनाएं निराश

टी 90 टैंक
टी 90 टैंक (फाइल)

नई दिल्ली। इस साल का रक्षा बजट पिछले साल की तुलना में महज पांच हजार करोड़ रुपये यानी केवल 1.6 प्रतिशत ज्यादा है। इस साल रक्षा के लिये तीन लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जब कि पिछले साल 2018-19 के दौरान रक्षा बजट 2,95,000 करोड़ रुपये का था। इससे पिछले साल का रक्षा बजट 2017-18 के दौरान रक्षा बजट 2,74,000 करोड़ रुपये का था।





रक्षा बजट भले ही अब तक का सर्वाधिक तीन लाख करोड़ रुयये का हो गया हो जैसा कि वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने दावा किया है लेकिन हमें इस बजटीय प्रावधान को पिछले सालों से तुलना कर देखना होगा। पिछले साल के बजट से ही तीनों सेनाएं निराश थीं औऱ सामरिक हलकों में इसे भारत की रक्षा जरुरतों के अनुरूप काफी कम बताया जा रहा था। इसलिये इस साल के रक्षा बजट में मात्र पांच हजार करोड़ रुपये के प्रावधान से यह कैसे कहा जा सकता है कि इससे तीनों सेनाओं की जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा। इस मामूली बढ़ोतरी से सैन्य अधिकारी निराशा जाहिर कर रहे हैं।

हालांकि इस साल सरकार ने अतंरिम बजट ही पेश किया है और प्रभारी वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जब पूर्ण बजट पेश होगा तब और इसमें धन जोड़ा जाएगा लेकिन सरकार के सामने जिस तरह की वित्तीय मजबूरियां चल रही हैं और किसानों औऱ पिछड़े तबके के लोगों को जिस तरह खुश करने की कोशिश की जा रही है उसके मद्देनजर नहीं लगता कि जुलाई में जब पूर्ण बजट पेश होगा तब भी सरकार कुछ विशेष अतिरिक्त आवंटन रक्षा के लिये कर पाएगी।

रक्षा बजट का विवरण देते हुए वित्त मंत्री गोयल ने संसद में कहा कि अपनी सीमाओं की रक्षा के लिये और सैन्य तैयारी जारी रखने के लिये अतिरिक्त प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने रिटायर्ड सैनिकों के लिये वन रैंक वन पेंशन के तहत चालीस हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च किया जब कि पिछली सरकार ने ‘वन रैंक वन पेंशन’ की चालीस सालों से चल रही मांग को पूरा करने के लिये महज पांच सौ करोड़ रुपये का प्रावधान किया।

यहां रक्षा हलकों में कहा जा रहा है कि भारतीय सामरिक हितों की रक्षा के लिए जिस तरह की सैन्य तैयारी की जरुरत है उसके अनुरूप सेनाओं को जरूरी साज सामान नहीं प्रदान किये जा रहे हैं। इसके पीछे मुख्य वजह रक्षा बजट में समुचित वित्तीय प्रावधान नहीं किया जाना है। आला सैन्य अधिकारी अब जुलाई में पूर्ण बजट की प्रतीक्षा कर रहे हैं जब उन्हें जरूरी सैन्य संसाधन हासिल करने के लिये जरूरी वित्तीय प्रावधान किये जाने का वादा पूरा होने की प्रतीक्षा होगी।

Comments

Most Popular

To Top