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मॉक ड्रिल में छात्रा की मौत के मामले में नया खुलासा, फर्जी बताया जा रहा है ट्रेनर

मॉक ड्रिल में गिरने से मौत

कोयम्बटूर। एक निजी कालेज में आपदा प्रबंधन ट्रेनिंग के दौरान दूसरी मंजिल से गिरकर छात्रा एन. लोगेश्वरी की मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है। एक अखबार में प्रकाशित खबर के मुताबिक जिस ट्रेनर की देखरेख में ट्रेनिंग दी जा रही थी अब उसे फर्जी बताया जा रहा है। पुलिस ने शुक्रवार को इस मामले में अरुमुगम नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। अरुमुगम पर ट्रेनिंग के दौरान छात्रा को छत से धकेलने का आरोप है। छात्रा लोगेश्वरी के पिता की शिकायत पर पुलिस ने अरुमुगम के खिलाफ आईपीसी की धारा 304(2) के तहत गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। इस मामले में सिर्फ अरुमुगम को ही आरोपी बनाया गया है।





अब यह बात सामने आ रही है कि कालेज ने ट्रेनर के उस दावे का वेरिफिकेशन नहीं किया जिसमें उसने स्वयं को नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) की तरफ से ड्रिल कराने का अधिकृत बताया था। गुरुवार को कोयम्बटूर के एक निजी कालेज में बीबीए दूसरे वर्ष की छात्रा लोगेश्वरी की दूसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई थी। इस हादसे का एक वीडियो भी सामने आया था। बताया जाता है कि छात्रा कूदने से हिचकिचा रही थी। हालांकि नीचे छात्र जाल लेकर खड़े हुए थे लेकिन गिरते वक्त वह पहली मंजिल के छज्जे से टकरा गई। छात्रा को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

बताया जा रहा है कि कालेज प्रशासन ने पुलिस को बताया कि ड्रिल NDMA द्वारा कराई गई थी लेकिन NDMA ने इस बात से इंकार किया है। NDMA ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा कि विभिन्‍न प्रचार माध्यमों की रिपोर्टों से राष्‍ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के ध्‍यान में यह आया है कि एक व्‍यक्ति-अरूमुगम द्वारा आयोजित आपदा तैयारी अभ्‍यास के दौरान कोवई कलाईमगल कला एवं विज्ञान महाविद्यालय, कोयंबटूर की एक विद्यार्थी कुमारी एन.लोगेश्‍वरी की मृत्‍यु हो गई है।

ऐसी घटना घटित होना दुर्भाग्‍यपूर्ण है। हमने एक युवा जान को खो दी है। राष्‍ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण दुखी परिवार के लिए अपनी गहन संवेदना व्‍यक्‍त करता है। यद्यपि इस अभ्‍यास में राष्‍ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण शामिल नहीं था। प्रशिक्षक को ऐसा अभ्‍यास आयोजित करने के लिए एनडीएमए द्वारा प्राधिकृत नहीं किया गया था। एनडीएमए बिना पर्याप्‍त तैयारी तथा सुरक्षा उपायों के इस प्रकार के अभ्‍यास करने की अनुमति नहीं देता है।

अरुमुगम ने कथित तौर पर दावा किया था कि वह केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम कर रहा था लेकिन पुलिस की जांच में सामने आया कि उसका दावा फर्जी था।

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