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स्पेशल रिपोर्टः इंटरनेट पर जेहाद- कैसे रोकें ? यूरोप और भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने कसी कमर

सक्रिय आतंकी संगठन
सोशल मीडिया के जरिये सक्रिय आतंकी संगठन (प्रतीकात्मक)

नई दिल्ली। इंटरनेट के जेहादीकरण पर काबू पाने के लिये यूरोपीय और भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अब कमर कस रही हैं। इसके लिये क्या नये उपाय किये जाएं इस पर यहां यूरोपीय और भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने 16 और 17 मई को गहन चर्चा की है।





इसके लिये यहां यूरोपीय यूनियन और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) द्वारा एक वर्कशाप आयोजित की गई जिसमें भारत के कई राज्यों की पुलिस के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। वर्कशाप में भाग लेने वालों ने उग्रवादी और आतंकवादी संगठनों के उन तौर-तरीकों का आकलन किया जिसके जरिये वे इंटरनेट के माध्यम से आतंकवादी विचारधारा आसानी से फैला रहे हैं और जिसके प्रभाव में बरगलाए युवकों ने आतंकवादी वारदातें की हैं। इस वर्कशाप में बेल्जियम, फ्रांस और स्पेन की सुरक्षा एजेंसियों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने बताया कि किस तरह वे आनलाइन सर्विस देने वालों से बात कर उन वेबसाइटों को ब्लाक करने का कदम उठाते हैं। भागीदारों ने आतंकवादी हरकतों की जांच के लिये इलेक्ट्रानिक प्रमाणों के इस्तेमाल की भी चर्चा की।

गौरतलब है कि इंटरनेट औऱ सोशल मीडिया के जरिये आतंकवादी संगठनों द्वारा अपने जेहादी विचारों को फैलाये जाने पर दुनिया भर की सुरक्षा एजेंसियां चिंतित हैं और इससे निबटने की कोशिश कर रही हैं लेकिन जेहादी वेबसाइटों पर रोक नहीं लग पा रही है।

पुलिस शोध एवं विकास के महानिदेशक डा. ए. पी. महेश्वरी ने इस वर्कशाप का उद्घाटन करते हुए कहा कि आनलाइन जेहादीकरण से निबटने में समाज के हर वर्ग के लोगों के सहयोग के साथ वैश्विक सहयोग की भी जरूरत है। इसके लिये हमें समाज के हर वर्ग के उन नेतृत्वकारी लोगों के साथ भी नियमित तालमेल बनाना होगा जिनके लोग जेहादी विचारों के फैलाव में जाने-अनजाने भागीदार बनते हैं।

यूरोपीय यूनियन के राजदूत तोमास्ज कोजलोवस्की ने कहा कि इस वर्कशाप का आय़ोजन इस बात का सूचक है कि यूरोपीय यूनियन और भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में साझेदार हैं। उन्हें इस बात की खुशी है कि भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच प्रति आतंकवादी सहयोग ठोस आकार ले रहा है औऱ कानून लागू करने वाली हमारी एजेंसियां इस दिशा में जरूरी प्रयास कर रही हैं ताकि इंटरनेट के जरिये घृणा फैलाने वाले कुप्रचार को रोका जा सके। राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के महानिदेशक योगेश चंद्र मोदी ने कहा कि यूरोपीय यूनियन और भारत के बीच ऑनलाइन जेहादीकरण को रोकने में साझा प्रयास जटिल आतंकवादी अपराधों की रोकथाम में कामयाब होगा।

फ्रांस के राजदूत अलेक्जेंडर जिगलर ने कहा कि जहां भी आतंकवाद होगा फ्रांस उससे निबटने को प्रतिबद्ध है। इसके लिये फ्रांस भारत के साथ सहयोग गहरा करने को कटिबद्ध है। आतंकवादी कुप्रचार को रोकना एक वैश्विक प्राथमिकता है। इसके लिये यूरोपीय डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। जेहादीकरण रोकने के लिये फ्रांस की राष्ट्रीय योजना का यह एक हिस्सा है।

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