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समुद्र के रास्ते दुनिया नापने निकली INSV तारिणी 21 मई को पहुंचेगी गोवा

नई दिल्ली। समुद्र के रास्ते पूरी दुनिया नापने निकलीं भारतीय नौसेना की छह महिला अफसर अपना सफर अब पूरा कर चुकी हैं। नेवी की महिला अफसरों का यह दल 55 फीट की आधुनिक नौका आईएनएसवी तारिणी से आखिरी पड़ाव पूरा कर देश लौटने की दिशा में बढ़ चुका है। आगामी 21 मई  को यह दल गोवा में प्रवेश कर अपने देश की धरती को छुएगा। इस दल की अगवानी के लिए केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण गोवा में मौजूद रहेंगी।





इस अभियान का नेतृत्व कर रही लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी सहित बाकी क्रू मेंबर्स ने अपने सफर के अनुभव साझा करते हुए बताया कि हम हर वक्त काफी सतर्क रहते हैं। समंदर कभी लापरवाही को माफ नहीं करता और अगर सचेत नहीं हैं तो जान पर बन सकती है।

भारतीय नौसेना की यह टीम एक नया रिकॉर्ड बनाने जा रही है। 8 महीने तक एक छोटी नाव में केवल छह लोगों के साथ फोकस कैसे बनाए रखा और कैसे अपना मनोरंजन किया इस बारे में दल के अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान के लिए हमें शारीरिक और मानसिक तौर पर ट्रेंड किया गया था। हम किताबें, फ़िल्में, म्यूजिक साथ लेकर आए। लेकिन इन आठ महीने में कई बार लगा कि आपस में बातचीत करने के लिए कुछ बचा नहीं है। कई बार घर से आने वाला एक फोन कॉल जहां भावुक कर देता था तो कभी खुशी भी देता था।

पिछले वर्ष विश्व भ्रमण पर निकला था महिला दल

6 महिलाओं का यह दल पिछले वर्ष 10 सितंबर को गोवा से समुद्र के रास्ते धरती की परिक्रमा करने निकली था। INSV तारिणी से सफर में टीम को चार जगह ऑस्ट्रेलिया के फ्रेमेंटले, न्यूजीलैंड के लीटेल्टन, फाकलैंड आईलैंड के पोर्ट स्टेनली और दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में ठहरना था। 2 मार्च को महिलाओं की टीम केपटाउन पहुंची, तब तक योजना के मुताबिक सफर चला। आखिर में मॉरीशस पहुंची तो नाव खराब हो गई और टीम को मजबूरन वहां ठहरना पड़ गया। टीम ने गोवा से उत्तरी गोलार्ध तक 18 हजार नॉटिकल मील का सफर किया। नेशनल पॉलिसी में महिला सशक्तिकरण के तहत ‘नाविक सागर परिक्रमा’ रखी गई, ताकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर महिलाएं नेतृत्व कर सकें। इसके तहत नौसेना की छह महिला अफसरों का एक दल तैयार किया गया। खास बात यह थी कि इस मिशन पर उनके साथ कोई पुरुष नहीं था।

टीम का नेतृत्व लेफ्टि.कमांडर वर्तिका जोशी कर रही हैं। उनके साथ लेफ्टि.कमांडर प्रतिभा जामवाल, लेफ्टि. कमांडर पी स्वाति, लेफ्टि. विजया देवी, लेफ्टि. बी एश्वर्या और लेफ्टिनेंट पायल गुप्ता भी हैं। मिशन पर रवाना होने से पहले दल को खराब मौसम और समुद्र में आने वाले खतरों से निपटने की ख़ास ट्रेनिंग दी गई थी।

मिशन के दौरान महिला अफसरों ने अपने अनुभव सोशल मीडिया पर भी शेयर किये। मिशन के बीच एक बार उनकी नौका तूफान में फंस गई और 7 मीटर तक ऊंची लहरों से भी सामना हुआ। हालांकि टीम ने धैर्य रखा और इससे पार पा लिया।

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