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पाकिस्तानी जेल में कैद भारतीय मछुआरे की मौत, नहीं भेजी भारत को कोई सूचना

पाकिस्तान जेल

वडोदरा। एक बार फिर सामने आया पाकिस्तान का कारनामा जिसमें वहां की जेल में बंद एक भारतीय व्यक्ति कि महीने भर पहले मौत हो जाती है लेकिन पाक सरकार भारत को इसकी सूचना भी नहीं देती है। पाकिस्तान की जेल में उस व्यक्ति की मौत की खबर परिवार वालों को दूसरे कैदी के चिट्ठी से लगती है।





मृतक नानूभाई कानाभाई सोलंकी (उम्र- 45) गुजरात के रहने वाले थे। उनकी पत्नी को गुरुवार को मालूम हुआ कि करीब महीने भर पहले पाकिस्तान की एक जेल में उनके पति की मौत हो चुकी है। गौरतलब है कि जेल में कैद एक अन्य व्यक्ति का पत्र मिलने के बाद उन्हें यह जानकारी मिली। राज्य के गिर सोमनाथ जिले में उना तहसील निवासी नानूभाई सोलंकी को पिछले साल 11 नवंबर को पाकिस्तानी तटरक्षक ने गिरफ्तार कर लिया था। वह भटक कर पड़ोसी देश के जल क्षेत्र में चले गए थे।

सोलंकी के साथ जेल में बंद विजय वाजा द्वारा 30 सितंबर को भेजे गए एक पोस्टकार्ड के जरिए महिला को अपने पति की मौत की खबर मिली। वाजा ने पत्र में लिखा है कि सोलंकी की 15 सितंबर को कराची की जेल मे मौत हो गई। मृतक मछुआरे की पत्नी जेठीबेन सोलंकी ने शुक्रवार को बताया कि उनके पति ने जेल से उन्हें तीन बार पत्र लिखा था। उन्होंने लिखा था कि उनका स्वास्थ्य सही नहीं चल रहा है। मैं नहीं जानती कि उनकी मौत की क्या वजह रही होगी। मुझे गुरुवार को विजय वाजा का एक पोस्टकार्ड मिला।

मृतक सोलंकी के परिवार में उनकी पत्नी के अलावा पांच बेटे और तीन बेटियां भी हैं। जेठीबेन ने कहा कि न तो पाकिस्तान से जेल अधिकारी ने और न ही भारतीय विदेश मंत्रालय से किसी ने उनके पति की मौत को लेकर अब तक उनसे संपर्क किया है। इस पूरे मामले को देखते हुए राज्यसभा मेंबर परिमल नाथवानी ने शुक्रवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को एक पत्र लिख कर सोलंकी का शव शीघ्र लाने में मदद करने का अनुरोध किया है।

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