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ड्रोन विकसित करने के लिए भारतीय वायुसेना की अनूठी प्रतियोगिता

एयर कमाडोर मेहर सिंह

नई दिल्ली। तकनीकी सोच को बढ़ावा देने और उनकी नवोन्मेषी क्षमता का लाभ उठाने के लिए भारतीय वायुसेना ने ड्रोन (UAV) विकसित करने और उसका डिजाइन बनाने के लिए मेहर बाबा पुरस्कार की घोषणा की है।





भारत के रक्षा क्षेत्र में यह पहली प्रतियोगिता है। मेहर बाबा का नाम मेहर सिंह था और लोग उन्हें प्यार से मेहर बाबा कहते हैं। वह भारतीय वायुसेना जाबांज योद्धा थे और दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान उन्होंने अदम्य साहस और पराक्रम का प्रदर्शन किया था। वह 1936 में रॉयल इंडियन एयरफोर्स में भर्ती हुए थे। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद कश्मीर के पुंछ में विमान उतारने वाले वह वायुसेना के पहले अधिकारी थे।

इस प्रतियोगिता का मकसद ऐसे मानवरहित विमान (UAV) विकसित करना है जो वायुसेना को मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यों में मदद कर सकें। आपदा राहत कार्यों में ड्रोन बेहद उपयोगी साबित होते हैं।

तीन चरणों में विभाजित यह प्रतियोगिता भारतीय वायुसेना के मेक इन इंडिया के प्रयासों को बढ़ावा देगी।

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