Featured

महिला शक्ति: इस तरह सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला न्यायाधीश बनीं एम. फातिमा बीवी, जानें 6 खास बातें

भारतीय महिलाएं आज घर की चहारदीवारी से बाहर निकलकर पुरुषों के वर्चस्व के क्षेत्रों में भी अपने कदम मजबूती, शिद्दत और जिम्मेदारी से रख रही हैं। जमीन, आसमान, समंदर, बर्फीली पहाड़ियों, तपते रेगिस्तान, खतरनाक जंगल अब उनसे अछूते नहीं रहे। फाइटर प्लेन उड़ाना हो या कोर्ट में फैसला देना हो। पुलिस की वर्दी में अनूठे काम करने हों या जंग के मोर्चे पर अदम्य साहस का परिचय देना हो। सभी क्षेत्रों में निष्ठा, समर्पण, शौर्य, पराक्रम की स्याही से वह कामयाबी की नई इबारत लिख रही हैं। पिछले सप्ताह एक नए स्तंभ ‘महिला शक्ति’ की ‘रझकन्यूज’ ने शुरुआत की थी जिसमें आपने  मध्यप्रदेश के रीवा जिले के एक छोटे से गांव से निकली अवनि चतुर्वेदी की कहानी पढ़ी होगी, देश-दुनिया में उनका नाम भारत की पहली महिला फाइटर पायलट के रूप में  दर्ज है। इस स्तंभ की अगली किश्त सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला जज एम फातिमा बीवी पर है:





——————————

पुराने समय से ही महिलाएं पुरुषों के वर्चस्व वाले हर क्षेत्र में अपनी कामयाबी और सफलता का परचम लहराती रही हैं। ऐसे कई नाम है जो न सिर्फ देश की महिलाओं के लिए बल्क़ि विश्व की महिलाओं के लिए भी प्ररेणा के स्रोत रहे हैं। जब भी देश मे किसी महिला के रूप मे सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश का जिक्र होता है तो न्यायमूर्ति एम. फातिमा बीवी का नाम बड़े गर्व से लिया जाता है। एक ऐसा नाम जो सर्वोच्च न्यायालय की पहली महिला न्यायाधीश के रूप में इतिहास में दर्ज है, आज हम आपको बताने जा रहे हैं, उनके जीवन से जुड़ी कुछ ख़ास बातें :-

यह था उनका पूरा नाम

केरल के पथानामथिट्टा में 30 अप्रैल, 1927 को एक मुस्लिम परिवार में एम. फातिमा बीवी का जन्म हुआ था। उनके पिता का नाम मीरा साहिब तथा मां का नाम खदीजा बीवी था। उनका पूरा नाम मीरा साहिब फातिमा बीवी था।

Comments

Most Popular

To Top