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फुरसत में : विनोद खन्ना की ये 21 फिल्में जिनमें वे बने फौजी और पुलिस अफसर

बेमिसाल इनसान, कुशल राजनेता और बेहतरीन फिल्म अभिनेता। यूं तो हिन्दी सिनेमा में हैंडसम अभिनेता कई आए लेकिन विनोद खन्ना जैसा कोई दूसरा नहीं हुआ। विनोद खन्ना का व्यक्तित्व इतना शानदार था कि नेगेटिव रोल में भी वह नायकों पर भारी पड़ते थे। आन मिलो सजना में राजेश खन्ना और मेरा गांव मेरा देश में धर्मेंद्र नायक थे लेकिन याद रहते हैं खलनायक बने विनोद खन्ना।  लगभग साढ़े चार दशक लंबे अभिनय जीवन में विनोद खन्ना ने तमाम तरह की भूमिकाएं निभाईं। किसी फिल्म में वह फौजी बने तो किसी फिल्म में शिक्षक। ‘मेरा गांव मेरा देश ‘और ‘कच्चे धागे’ सरीखी फिल्मों में वह डाकू की भूमिकाओं को भी जीवंत करते दिखे। लेकिन परदे पर सबसे ज्यादा वह पुलिस अफसर की भूमिकाओं में दिखे। आज हम आपको उनकी कुछ ऐसी फिल्मों के बारे में बता रहे हैं जिनमें वह पुलिस और सेना की वर्दी में नजर आए।





सच्चा झूठा

वर्ष 1970 में प्रदर्शित निर्देशक मनमोहन देसाई की इस फिल्म के नायक थे राजेश खन्ना। फिल्म में उनका डबल रोल था। यह वह दौर था जब राजेश खन्ना सुपर स्टार बन चुके थे। ऐसे में विनोद खन्ना के लिए फिल्म में कितनी गुंजाइश रही होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। विनोद खन्ना ने इस फिल्म में इंस्पेक्टर प्रधान की भूमिका निभाई थी। वह अपराधी रंजीत कुमार (राजेश खन्ना) का पीछा करता है। लेकिन जब गिरफ्तार करने पहुंचता है तो वहां उसे एक ही शक्ल के दो आदमी मिलते हैं। 

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