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हरियाणा: पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ हुई शहीद विजय कुमार की अंत्येष्टि

कमांडो विजय कुमार की अंत्येष्टि में जुटे लोग

भिवानी। शोपियां में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए पैरा कमांडो विजय कुमार का आज (21  नवंबर) उनके पैतृक गांव सागवान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जवान की शहादत पर पूरे गांव के लोगों की आंखों में आंसू थे। दुख की इस घड़ी में उनके माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।





जवान विजय कुमार मंगलवार को आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए थे। शहादत की सूचना मिलने के बाद भिवानी जिले के गांव सागवान में मातम छा गया था। उनके परिवार में पिता जयदयाल, मां सुनहरी देवी, पत्नी सुमन और बेटा मोनू, दो पुत्रियां निशा व तन्नू के अलावा बड़े भाई सतपाल हैं। पिता जयदयाल गांव में खेती करते हैं। पत्नी बच्चों के साथ पिलानी में रहती है।

12वीं कक्षा पास करने के बाद विजय कुमार वर्ष 2001 में सेना की 6 पैरा रेजीमेंट में बैंगलुरु में भर्ती हुए थे। मौजूदा समय में वह श्रीनगर के शोपियां में तैनात थे। उनका जन्म 1981 में सागवान गांव में हुआ था। जानकारी के मुताबिक एक महीने पहले विजय अपने पैतृक गांव आए थे। उसके बाद वह दिवाली पर पिलानी में बच्चों से मिलकर गए थे।

जवान विजय कुमार का सपना था कि बच्चे पढ़ें-लिखें और अधिकारी बनें। बेटा मोनू 9वीं कक्षा में राजस्थान के सीकर में पढ़ता है। बेटी निशा 8वीं तथा तनु छठी कक्षा में पढ़ती है। उनकी इच्छा थी कि संसाधनों की कमी की वजह से बच्चों की पढ़ाई नहीं रुकनी चाहिए। उनके माता-पिता और बड़े भाई खेती-किसानी का काम करते हैं।

जवान विजय कुमार की सोमवार शाम उनकी घर पर बात हुई थी, तब उन्होंने कहा था कि वह दिसंबर में छुट्टी पर आएंगे। लेकिन इसी बीच उनकी शहादत की खबर आई।

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