Featured

अफगानिस्तान को चार और हमलावर हेलीकॉप्टर चार महीने में 

नई दिल्ली। पाकिस्तान समर्थित तालिबान के आतंकवादियों के खिलाफ सैनिक कार्रवाई तेज करने के लिये भारत द्वारा चार और हमलावर एमआई-35 हेलीकॉप्टरों की सप्लाई चार महीने के भीतर अफगानिस्तान को पूरी हो जाएगी। ये हेलीकॉप्टर बेलारूस से खरीद कर अफगानिस्तान को दिये जाएंगे।





यहां अफगानिस्तान के राजदूत शाएदा मुहम्मद अब्दली ने एक बातचीत में कहा कि चूंकि नये हेलीकॉप्टरों के आर्डर दे कर सप्लाई करने में वक्त लगता इसलिये बेलारूस से सम्पर्क किया गया जिसके पास रूसी मूल के एमआई-35 हेलीकॉप्टर हैं। उल्लेखनीय है कि दिसम्बर, 2015 में भी भारत ने चार एमआई-25 अटैक हेलीकाप्टरों की सप्लाई की थी। इस तरह तालिबान के खिलाफ लड़ाई को असरकारी बनाने के लिये भारत ने दूसरी बार घातक हथियारों की सप्लाई अफगानिस्तान को की है। इसके अलावा भारत पहले से ही अपने सैन्य प्रतिष्ठानों में हर साल एक हजार अफगानी सैनिकों को ट्रेनिंग दे रहा है।

अफगानिस्तान की वायुसेना के लिये चार और हमलावर एमआई-35 देने का फैसला भारत द्वारा अफगानिस्तान की सेनाओं को और ताकतवर बनाने के इरादे से लिया गया था ताकि तालिबान को जल्द से जल्द परास्त किया जा सके। यहां इंडियन एसोसियेशन आफ फारेन अफेयर्स कारेसपोंडेंटं (आईएएफएसी) की एक बैठक में राजदूत अब्दली ने बताया कि अफगानिस्तान के सुरक्षा बलों की ताकत बढ़ाने के लिये भारत और अफगानिस्तान ने एक साझा रक्षा आयोग का गठन किया है जिसकी पिछली बैठक दिल्ली में हुई थी और अब जल्द ही भारतीय अधिकारी इस आयोग की अगली बैठक के लिये काबुल जाएंगे।

तीन गुना बढ़ेगी अफगानिस्तान की वायुसेना की ताकत

उन्होंने बताया कि अमेरिका ने भी अफगानिस्तान की सेना को और ताकत प्रदान करने के लिये चार साल के डिफेंस प्लान को लागू करना शुरू किया है। इसके तहत अफगानिस्तान की वायुसेना की ताकत में तीन गुना बढ़ोतरी की जाएगी। अफगानिस्तान के स्पेशल फोर्सेज की ताकत में भी भारी इजाफा करने में अमेरिका मदद कर रहा है।

अफगानिस्तान में इस्लामी स्टेट यानी डाएश की गहराती ताकत के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में डाएश का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भ्रम और मतभेद पैदा करने के इरादे से किया जा रहा है ताकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान तालिबान से हटा कर डाएश पर किया जाए। उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान का डाएश इराक के डाएश से भिन्न है। अफगानिस्तान का डाएश तालिबानी लोगों से ही बना है और जानबूझकर यह प्रचार किया जा रहा है कि डाएश एक अलग फेनोमेना है जिससे पहले निबटना होगा। डाएश को तालिबान से अधिक खतरनाक बताकर तालिबान को आगे बढ़ाने की रणनीति है।

आतंकवाद को परास्त करने के लिए विदेशी स्रोत पर करना होगा हमला

उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान के सामने आतंकवाद की चुनौती घरेलू ताकतों से नहीं बल्कि विदेशी ताकतों से है। आतंकवाद को परास्त करने के लिये इसके विदेशी स्रोत पर हमला करना होगा। राजदूत ने बताया कि तालिबान को अफगानिस्तान सरकार ने शांति प्रक्रिया में शामिल होने के लिये निमंत्रित किया है। तालिबान को अफगानिस्तान की जनतांत्रिक व्यवस्था में अपनी भागीदारी करनी होगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में आतंकवादियों के सुरक्षित पनाहगाह मौजूद हैं जिस वजह से अफगानिस्तान में लगातार आतंकवादी हमले हो रहे हैं।

भारत-अफगानिस्तान व्यापार में भारी इजाफा

भारत और अफगानिस्तान के बीच एयर कोरिडोर के पिछले साल बनाए जाने से दोनों देशों के बीच व्यापार में भारी इजाफा हुआ है। राजदूत के मुताबिक अफगानिस्तान का पाकिस्तान के साथ दो अरब डॉलर का व्यापार होता था जो अब घटकर पचास करोड़ डॉलर रह गया है। विकल्प के तौर पर अफगानिस्तान अब भारत के अलावा मध्य एशिया के देशों से अपना व्यापार बढ़ाने में कामयाब हुआ है। उन्होंने बताया कि जहां तक जमीन के रास्ते भारत से हो रहे व्यापार का सवाल है इसमें अफगानी व्यापारियों को भारी परेशानी हो रही थी।

Comments

Most Popular

To Top