Featured

जानें, क्या इतिहास बनाने जा रही हैं यूपी पुलिस की महिला कॉन्स्टेबल बबीता और दुर्गेश

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर पुलिस अकादमी के मैदान में एक नया इतिहास रचा जा रहा है। जी हां अटल इरादे वाली दो महिला पुलिस कर्मीं पुलिस ट्रेनर बनने जा रही हैं। ऐसा पहली बार होगा जब यूपी पुलिस में कोई महिला ट्रेनर होंगी। महिलाओं को मिलने वाला यह नया  दायित्व यकीनन महिला सशक्तीकरण में एक नया अध्याय जोड़ेगा।





एक अखबार के मुताबिक इस नई पहल से अकादमी के अफसर व जवान फूले नहीं समा रहे हैं।

एक ट्रेनर के कंधे पर IPS अधिकारी से लेकर इंस्पेक्टर,  दारोगा व कांस्टेबल को न सिर्फ शारीरिक रूप से मजबूत बनाने का भार होता है, बल्कि शस्त्र चलाने की पूरी जानकारी देने के साथ ही कानून की बारीकियों से अवगत कराने की जिम्मेदारी भी होती है। द्रोणाचार्य की तलाश शुरू हुई। शासन ने पुलिस व पीएसी के जवानों से आह्वान किया। पुलिस प्रशिक्षक बनने के लिए सूबे के 115 पुलिसकर्मी आगे बढ़े। उच्चाधिकारी ने लिस्ट देखी तो दो महिला कॉन्स्टेबल के नाम सुनकर चौंक गए। मथुरा से कांस्टेबल दुर्गेश चौधरी और गाजियाबाद से बबीता रानी ने पुलिस ट्रेनर बनने की इच्छा जाहिर की। दोनों महिलाओं के जज्बे को सलाम करते हुए उच्चाधिकारियों ने भी उनकी इच्छा पर सहमति की मुहर लगा दी।

फिलहाल ले रही हैं प्रशिक्षण देने की  ट्रेनिंग

फिलहाल दोनों ही महिला कांस्टेबलों का प्रशिक्षण पुलिस अकादमी में चल रहा है। दोनों महिलाएं 60 पुरुष प्रशिक्षुओं के साथ कदमताल कर रही हैं। प्रशिक्षण में पांच किलोमीटर दौड़, फायरिंग, रस्सी चढ़ने, पीटी, योगा व मल्ल युद्ध सिखाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त दो घंटे की क्लास में उन्हें आइपीसी व सीआरपीसी की जानकारी दी जा रही है। दो माह तक चलने वाले इस प्रशिक्षण के पूरा होते ही उत्तर प्रदेश को दो महिला पुलिस ट्रेनर मिलेंगीं।

प्रशिक्षक बनने की कठिन राह चुनने का कारण पूछने पर दोनों महिला कांस्टेबल का कहना है कि हम किसी से कम नहीं हैं। बुलंदशहर की मूल निवासी व मथुरा कोतवाली में तैनात कांस्टेबल दुर्गेश चौधरी दो टूक कहती हैं कि चुनौतियों ने ही आगे बढ़ने की सीख दी है। वहीं, गाजियाबाद कोतवाली में तैनात लखीमपुर खीरी की मूल निवासी कांस्टेबल बबीता रानी का कहना है कि मैरीकॉम जब बॉक्सर बन सकती हैं, बछेंद्री पाल जब पहाड़ की ऊंचाइयां छू सकती हैं, तो वह पुलिस ट्रेनर क्यूं नहीं बन सकती? उन्होंने कहा कि आने वाला कल महिलाओं का है। इस सच को हम सभी को स्वीकार करना ही होगा।

Comments

Most Popular

To Top