Featured

पूर्व सैनिक, किसान और दलित अपनी मांगों के लिए करेंगे 9 अगस्त से ‘हक की आवाज’ आंदोलन

प्रेस कॉन्फ्रेंस

नई दिल्ली। पूर्व सैनिकों, किसानों और दलितों के संगठन ने अपनी शिकायतों के उचित समाधान और न्याय पाने के लिए आगामी नौ अगस्त से ‘हक की आवाज’ आंदोलन शुरू करने की घोषणा की। इस दिन पूरे देश में सेना के पूर्व सैनिक, किसान व दलित एकजुट होकर शांतिपूर्ण और मर्यादित तरीके से आंदोलन करेंगे।





इस संगठन ने एक संयुक्त मंच के तहत प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में प्रेस कांफ्रेंस की और केन्द्र सरकार को अपनी जिम्मेदारियों का अहसास कराते हुए जोरदार ढंग से अपनी आवाज उठाई।

युनाइटेड फ्रंट ऑफ एक्स सर्विसमैन संगठन के एडवाइजर मेजर जनरल (रिटायर्ड) सतबीर सिंह ने कहा कि इस मंच से हमारी तीन मांगें हैं जो सरकार को पूरी करनी हैं। पहली असली ‘वन रैंक वन पेंशन’ लागू की जाये। पैसे के लिहाज से सैन्य कर्मियों के डाउनग्रेड हुए पद को समान किया जाये तथा छावनी क्षेत्रों में आवाजाही के लिए सड़कों को खोलने का आदेश वापस लिया जाये।

उन्होंने कहा कि छावनी में सेना के उन कर्मचारियों का परिवार भी रहता है जो सरहद की हिफाजत या किन्हीं सैन्य ऑपरेशंस में तैनात है। सड़कों को खोलना सुरक्षा के लिए घातक है। उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार ने अपनी ‘वन रैंक वन पेंशन’ लागू करने की बात कहकर भ्रम फैला रही है। असली ‘वन रैंक वन पेंशन’ अभी तक लागू नहीं की गई है। किसानों और दलितों के संगठनों के पदाधिकारियों ने भी अपनी-अपनी बात रखी।

तीनों वर्गों ने न्याय की मांग करते हुए कहा कि अगर तीस जुलाई तक सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठाती है तो 9 अगस्त से देशव्यापी ‘हक की आवाज’ आंदोलन शुरू किया जायेगा।

Comments

Most Popular

To Top