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गोल्ड मेडल जीतकर दिल्ली पुलिस का ‘बाबू’ बना देश का नंबर वन डॉग, ‘बेबे’ को मिला कांस्य

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की डॉग स्क्वायड टीम के एक ट्रैकर डॉग बाबू ने देश का नंबर एक डॉग होने का रिकॉर्ड बनाया है। एक ट्रैकिंग टेस्ट में संदिग्ध द्वारा छोड़े गए जूते के आधार पर देश भर की पुलिस के डॉग स्क्वायड टीम के बीच एक प्रतियोगिता आयोजित हुई। ट्रैकर डॉग बाबू ने इस प्रतियोगिता में भीड़ के बीच घूम रहे इस संदिग्ध की सबसे पहले पहचान कर पहला स्थान प्राप्त किया। इसके लिए बाबू को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया है।





चेन्नई में आयोजित हुई इस 61वीं ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट-2018 में दिल्ली पुलिस की टीम का दबदबा रहा। श्वान बाबू के अलावा इस प्रतियोगिता में दिल्ली पुलिस के डॉग स्क्वॉड में ही शामिल बाबू की बहन बेबे ने विस्फोटक जांच प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्टार पर तीसरा स्थान प्राप्त किया। इसके लिए उसे कांस्य पदक से नवाजा गया। इन दोनों ही डॉग्स की उम्र चार वर्ष है। पुलिस ने इन दोनों को सेना से खरीदा था तथा इन्हें RVC सेंटर मेरठ में प्रशिक्षित किया गया है।

वहीं, वीडियोग्राफी में भी दिल्ली पुलिस को कांस्य पदक प्राप्त हुआ है। ऐसा पहली बार है जब डॉग स्क्वॉड टीम ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया है। दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक की ओर से स्वर्ण पदक जीतने वाले बाबू के हैंडलर कांस्टेबल पवन कुमार यादव को असाधारण कार्य पुरस्कार के तौर पर 50 हजार रुपये तथा कांस्य पदक जीतने वाली बेबे के हैंडलर हेडकांस्टेबल नागेंद्र प्रसाद को 25 हजार रुपये नकद पुरस्कार प्रदान किया गया है। इसके अलावा पुलिस वीडियोग्राफी में कांस्य पदक जीतने वाले दिल्ली पुलिस के एएसआइ विपिन कुमार को भी 25 हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया गया है। इसमें पुलिसकर्मियों के लिए छह जबकि श्वानों के लिए सात प्रतियोगिताएं आयोजित हुई थीं। इस कार्यक्रम में डॉग स्क्वॉड के चार श्वानों सहित कुल 33 पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया था।

देश का नंबर एक डॉग बनने के बाद बाबू को पुलिस मुख्यालय लाया गया जहां एक छोटे शो में उसने कई करतब दिखाए। आपको जानकर हैरानी होगी कि बाबू अब तक दिल्ली में हुई करीब 25 आपराधिक घटनाओं में अपनी उपयोगिता सिद्ध करा चुका है। आपको बता दें कि अमूमन स्क्वायड डॉग्स के रिटायरमेंट की उम्र करीब आठ साल होती है। पुलिस के डॉग स्क्वायड से रिटायर हुए डॉग्स को कुत्तों की देखभाल करने वाले NGO को सौंप देती है। वर्तमान में दिल्ली पुलिस कि डॉग यूनिट में डॉग्स की संख्या 65 है।

रक्षक की राय : दिल्ली पुलिस के लिए यह एक उत्साहवर्धक खबर है कि उसके डॉग स्क्वायड का ट्रैकर डॉग ‘बाबू’  चेन्नई में आयोजित प्रतियोगिता में गोल्ड मैडल जीतने के बाद देश का नंबर वन डॉग बन गया है। आज पूरे देश कि पुलिस को ऐसे प्रशिक्षित खोजी कुत्तों कि ख़ास जरुरत है क्योंकि आपराधिक घटनाओं, विस्फोटक ढूंढने और संदिग्ध व्यक्तियों ढूंढने में इनकी अहं भूमिका होती है। दिल्ली पुलिस की ही तरह अन्य राज्यों की पुलिस को भी सेना की मदद से अपने डॉग स्क्वायड को चुस्त-दुरुस्त करने पर बल देना होगा।

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