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रक्षा मंत्री का स्वदेशीकरण पर जोर, वैज्ञानिकों को किया सम्मानित

रक्षा मंत्री का स्वदेशीकरण पर जोर, वैज्ञानिकों को किया सम्मानित

नई दिल्ली। केन्द्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण पर जोर देते हुए कहा कि उधार की प्रौद्योगिकी (technology) के साथ रक्षा उपकरणों का विनिर्माण नहीं किया जा सकता। रक्षा मंत्री ने सोमवार को रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (DRDO) के वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए यह बात कही।





रक्षा मंत्री का स्वदेशीकरण पर जोर, वैज्ञानिकों को किया सम्मानित

उन्होंने कहा कि रक्षा विनिर्माण में स्वदेशीकरण का एजेंडा शीर्ष पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े हथियार-खरीदार की भूमिका से निकलकर भारत को विनिर्माण हब बनना है। उन्होंने कहा पिछले चार वर्षों के दौरान सरकार ने स्वदेशीकरण पर जोर दिया है। उन्होंने सराहना करते हुए कहा कि विषम परिस्थितियों में भी भारतीय वैज्ञानिक बेहतरीन काम करने में सक्षम हैं। इस संदर्भ में उन्होंने बीस वर्ष पहले पोखरण परीक्षणों का जिक्र करते हुए कहा कि सारी दुनिया की निगाहें भारत पर थी लेकिन वैज्ञानिकों ने किसी को भनक भी नहीं लगने दी और परमाणु परीक्षण कर लिया।

रक्षा मंत्री का स्वदेशीकरण पर जोर, वैज्ञानिकों को किया सम्मानित

इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने DRDO के वैज्ञानिकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए DRDO Awards- 2016 & 2017 से सम्मानित भी किया। DRDO के पूर्व महानिदेशक डॉ. वी.के. सारस्वत को लाइफटाइम अचीवमैंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। डॉ. जी. सतीश रेड्डी को Technology Leadership Award से सम्मानित किया गया। अन्य कई वैज्ञानिकों को भी सम्मानित किया गया।

रक्षा मंत्री ने अवार्ड पाने वाले सभी वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने DRDO और उसके सभी वैज्ञानिकों को भी उनके योगदान के लिए बधाई दी।

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