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CRPF ने मनाया शौर्य दिवस, सैन्य बलों का सम्मान सर्वोपरिः वेंकैया नायडू

सीआरपीएफ शौर्य दिवस
CRPF शौर्य दिवस पर पुस्कृत करते उप-राष्ट्रपति वेकैंया नायडू

नई दिल्ली। केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने आज अपना शौर्य दिवस मनाया। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि सशस्त्र बलों के अद्भुत साहस, पराक्रम व बलिदान के कारण ही आज देश में एकता और अखंडता है। इन्हीं की वजह से भविष्य सुरक्षित है और हम शांति से रह रहे हैं। सशस्त्र बलों का सम्मान सर्वोपरि है। इस अवसर पर मैं उन शहीदों को नमन करता हूं जिन्होंने मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है और उन्हें भी जो अपना कर्तव्य पालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सैन्य ऑपरेशन के दौरान मानवाधिकार की बात की जाती है पर मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं मानवाधिकार मानवों के लिए होता दानवों के लिए नहीं। मावलंकर सभागार में आयोजित शौर्य दिवस समारोह में उल्लेखनीय वीरता का कार्य करने वाले जवानों और अफसरों को उपराष्ट्रपति ने मेडल प्रदान कर अलंकृत किया।





CRPF शौर्य दिवस पर बोलते उप-राष्ट्रपति वेकैंया नायडू

CRPF शौर्य दिवस पर बोलते उप-राष्ट्रपति वेकैंया नायडू

समारोह के दौरान CRPF के महानिदेशक राजीव राय भटनागर ने बल के इतिहास तथा उल्लेखनीय उपलब्धियों को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि सरदार पोस्ट, 1971 के भारत-पाक युद्ध, संसद पर हमला, नक्सल ऑपरेशन और पंजाब, त्रिपुरा की अशांति के दौरान इस सशस्त्र बल के अनुकरणीय कर्तव्य की वजह से इसका इतिहास शौर्य और बलिदान की गाथाओं से भरा हुआ है। इस समारोह में सरदार पोस्ट की पावन मिट्टी पर उपराष्ट्रपति समेत सभी गणमान्य अतिथियों ने नमन किया। इस मौके पर बल की शौर्य गाथा सीरीज के तहत सत्यघटनाओं पर आधारित ‘अटल अरविन्द’ पुस्तक का विमोचन किया गया।

CRPF शौर्य दिवस कार्यक्रम में जाते लोग

गौरतलब है कि CRPF आज देश का सबसे बड़ा सशस्त्र बल है और बर्फीली घाटियों, खतरनाक जंगलों व अन्य जगहों पर निष्ठा, समर्पण, त्याग,बलिदान के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहा है।

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