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सरकारी कर्मचारियों के बच्चों को मिलेगा पढ़ाई में खर्चे का लाभ 

क्लास रूम में छात्र
क्लास रूम में बैठे छात्र (प्रतीकात्मक)

नई दिल्ली। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए सरकार के निर्णय के बाद सरकारी कर्मचारियों के बच्चों को शिक्षा भत्ता तथा छात्रावास की सब्सिडि मिलेगी। इस संबंध में भारत सरकार के कार्मिक विभाग ने गत 17 जुलाई को आदेश जारी किए हैं।





सरकारी कर्मचारियों के बच्चों के लिए शिक्षा भत्ता तथा छात्रावास सब्सिडि का लाभ केवल दो सबसे बड़े बच्चों को मिलेगा। बच्चों के शिक्षा भत्ते का Reimbursement (प्रतिपूर्ति) प्रति बच्चा 2,250 रुपये प्रतिमाह (निश्चित) है। सरकारी कर्मचारी द्वारा बच्चे के लिए खर्च की गई वास्तविक राशि के बावजूद यह धनराशि 2,250 रुपये ही होगी। इस राशि का दावा करने के लिए संबंधित स्कूल का प्रमाण पत्र जरूरी है।

छात्रावास की सब्सिडि की राशि 6,750 रुपये है जो एक अकादमिक सत्र के लिए होगी। इसके लिए संस्थान के प्रमुख द्वारा जारी प्रमाणपत्र लगाना होगा जो इस बात की पुष्टि करता हो कि उस आवासीय परिसर में आवास और भोजन की व्यवस्था है। सरकारी कर्मचारियों के दिव्यांग बच्चों के लिए शिक्षा भत्ते की राशि निर्धारित सामान्य राशि से दोगुनी होगी। यानी प्रतिमाह 4,500 रुपये (निश्चित) होगी।

छात्रावास सब्सिडि और बच्चों के शिक्षा भत्ते का Reimbursement (प्रतिपूर्ति) का दावा एक साथ किया जा सकता है। पति-पत्नी दोनों के सरकारी कर्मचारी होने की स्थिति में उनमें से केवल एक को ही यह लाभ मिलेगा। छात्रावास सब्सिडि केवल सरकारी कर्मचारी के निवास से कम से कम 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक आवासीय संस्थान में पढ़ रहे बच्चे के संबंध में ही लागू होगी।

शिक्षा भत्ता तथा हॉस्टल सब्सिडि का लाभ नर्सरी से 12वीं कक्षा तक के बच्चों को मिलेगा। साथ ही दिव्यांग बच्चों के लिए ऊपरी आयु सीमा 22 वर्ष निर्धारित की गई है। अन्य बच्चों के मामले में आयु सीमा 20 वर्ष या 12 वीं कक्षा पास होने के समय जो भी पहले हो। यह लाभ पाने के लिए कोई न्यूनतम आयु नहीं होगी।

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