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अपने शहीद साथी की मदद को आगे आए BSF के अधिकारी

बीएसएफ अफसर
बीएसएफ अफसर (प्रतीकात्मक)

नई दिल्ली। पिछले महीने सरहद पर शहीद हुए अपने साथी के परिवार की आर्थिक मदद के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) के 100 अधिकारियों ने एक पहल की है। ये अधिकारी आपस में पैसा इकट्ठा कर अपने शहीद साथी के परिवार को देंगे। बता दें कि जम्मू-कश्मीर के रामगढ़ सेक्टर में पाकिस्तान की तरफ से गोलीबारी में पिछले वर्ष 12 जून को सहायक कमांडेट जितेन्द्र सिंह शहीद हो गए थे।





शहीद सहायक कमांडेट जितेन्द्र सिंह

शहीद सहायक कमांडेट जितेन्द्र सिंह (फोटो में बायीं ओर)

एक अंग्रेजी वेबसाइट द प्रिंट के मुताबिक बीते सप्ताह के आखिर में शहीद जितेन्द्र के परिवार को 2.38 लाख रुपये दिये गये। अभी तक जिन अफसरों ने इस पहल के तहत योगदान दिया है वह जितेन्द्र सिंह के बैच से एक बैच जूनियर हैं। इस पहल से और भी अधिकारी जुड़ रहे हैं और इकट्ठा होने वाला पैसा मासिक आधार पर शहीद के परिजनों को दिया जायेगा। BSF के एक अधिकारी के मुताबिक इस पहल में 300 अधिकारी हर महीने 200 रुपये का योगदान करेंगे।

34 वर्षीय जितेन्द्र सिंह ने वर्ष 2011 में सीमा सुरक्षा बल (BSF) में ज्वाइन किया था। पिछले वर्ष 12 जून को जब जितेन्द्र सिंह अपने कैम्प लौट रहे थे तो उन्हें सूचना मिली की सांबा सेक्टर में पाकिस्तान बिना किसी उकसावे के गोलीबारी कर रहा है। जितेन्द्र सिंह तत्काल कुछ जवानों के साथ वहां पहुंचे। पाकिस्तान की तरफ से गोलीबारी में वह शहीद हो गये। इसे संयोग कहिए या नियति कि उसी दिन जितेन्द्र सिंह अपने अभिभावकों, पत्नी और तीन वर्ष के बेटे को जम्मू रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में बिठाने आये थे।

जितेन्द्र सिंह के पिता समुन्दर सिंह कहते हैं, मेरा बेटा हरफनमौला था। उसे खेलने का शौक था। कुछ ही महीने पहले उसने अपनी PhD की डिग्री हासिल की थी। वह देश के लिए कुछ करना चाहता था। यही वजह है कि कई क्षेत्रों में उत्कृष्ट होने के बावजूद उसने BSF को चुना। जितेन्द्र के परिजन अपने बेटे के साथियों के शुक्रगुजार हैं कि वे इतना कुछ कर रहे हैं। जितेन्द्र के पिता कहते हैं, पैसे से ज्यादा शुक्रगुजार हम इस बात के हैं वे हमारे पास आते हैं और हमारी खैर खबर लेते हैं।

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