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BSF के पर्वतारोही दल ने हिमालय को स्वच्छ कर, दिया पर्यावरण संदेश

गृह मंत्री राजनाथ सिंह

नई दिल्ली। सीमा सुरक्षा बल (BSF) के पर्वतारोही दल ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8,848 मीटर) पर न केवल फतह दर्ज की बल्कि एवरेस्ट के आसपास तथा हिमालय में छोड़े गए सात सौ किलोग्राम वजन के कूड़े को अपने साथ लाकर देश-दुनिया को पर्यावरण के प्रति बेहद संवदेनशील व जागरूक बनाने का काम किया है।





हिमालय से लाया कूड़ा

पर्वतारोहण टीम का स्वच्छता का संदेश

विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) पर एवरेस्ट विजय कर वापस लौटे BSF के 15 सदस्यीय पर्वतारोही दल को सम्मानित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हिमालय को स्वच्छ रखने का सशस्त्र बल का यह प्रयास निश्चित रूप से हमारे संदेश को पूरे विश्व में फैलाएगा। नई दिल्ली स्थित BSF की अश्विनी मेस में आयोजित सम्मान समारोह में जवानों-अधिकारियों की हौसलाअफजाई करते हुए उन्होंने कहा कि सीमा पर तो जवान-अफसर करिश्माई काम करते ही रहते हैं पर एवरेस्ट चोटी पर बार-बार फतह तथा सात सौ किलो कूड़ा लाने और उसे निस्तारित करने का काम कर बल ने यह जता दिया है कि वह स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्ध है।

केद्रीय गृह मंत्री

केद्रीय गृह मंत्री के साथ वापस लौटी पर्वतारोही टीम

सीमा सुरक्षा बल का 15 सदस्यीय पर्वतारोही दल 20 मार्च 2018 को ‘स्वच्छ हिमालय, सुरक्षित ग्लेशियर’ के आदर्श लक्ष्य वाक्य के साथ दुनिया की सबसे ऊंची चोटी के लिए रवाना हुआ था और एवरेस्ट पर तिरंगा तथा BSF  का ध्वज फहराकर एक जून को सकुशल वापस लौटा। गौरतलब है कि BSF  का पर्वतारोही दल दूसरी बार एवरेस्ट के अंतिम छोर को स्पर्श कर भारत लौटा है। इसका नेतृत्व बल के सहायक कमांडेट और पद्मश्री से सम्मानित लवराज सिंह धर्मशक्तु ने किया। खास बात यह है कि वह सात बार एवरेस्ट पर विजय पताका फहराने वाले प्रथम भारतीय हैं। एवरेस्ट की यह साहसिक दुर्गम यात्रा दो दलों में विभक्त की गई थी। दूसरे दल की कमान अविनाश नेगी के हाथों में थी। बता दें कि बल की इस बड़ी उपलब्धि पर प्रधानमंत्री ने भी 27 मई को प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम में सराहना करते हुए कहा था – पिछले दिनों BSF के एक दल ने हिमालय की चोटियों को न केवल सफलतापूर्वक नमन किया बल्कि वहां से अन्य पर्वतारोहियों का कूड़ा एकत्र कर पर्वतों से नीचे उतार कर भी लाए। यह कार्य बेहद प्रशंसनीय तो है ही साथ ही बल की पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता व स्वच्छता के प्रति उनकी विलक्षण सोच को भी दर्शाता है।

गृह मंत्री राजनाथ सिंह

पर्वतारोही टीम को चेक देते गृह मंत्री राजनाथ सिंह

इस अवसर पर बल के महानिदेशक केके शर्मा ने बताया कि BSF के इस साहसिक कार्य की शुरुआत वर्ष 1976 में हुई थी। वर्ष 1906 में बल में कार्यरत उपमहानिरीक्ष एससी नेगी ने 56 वर्ष की उम्र में एवरेस्ट के सर्वोच्च बिंदु को छुआ था जो एक मिसाल है। समारोह में एससी नेगी मौजूद थे। बाद में केन्द्रीय मंत्री ने बल की विजिटर बुक में अपने उद्गार भी लिखे।

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