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शांतिकाल का सबसे बड़ा सम्मान अशोक चक्र, 6 खास बातें

शौर्य, पराक्रम, वीरता, साहस और अदम्य उत्साह से भरे अनेक वीरों सपूतों ने देश के लिए अपना सर्वस्व कुर्बान कर दिया। कितने ही देशभक्तों ने बिना अपनी जान की परवाह किए देश की रक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान कर दिया। ऐसे ही वीरों के जज्बे को सराहने के लिए अनेक वीरता पुरस्कार भी दिए जाते है। आज हम आपको शांतिकाल के इस सबसे बड़े वीरता पुरस्कार ‘अशोक चक्र’ से जुड़ी कुछ अहम बातें बताने जा रहे हैं:





अशोक चक्र भारत का शांतिकाल का सबसे बड़ा सैन्य सम्मान

लांस नायक नजीर अहमद वानी

कश्मीर के शोपियां में गत वर्ष नवंबर में आतंकवाद रोधी अभियान के तहत अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले लांस नायक नजीर अहमद वानी को अशोक चक्र से नवाजा जाएगा। लांस नायक वानी को मरणोपरांत दिए जाने वाला अशोक चक्र शांति काल के दौरान प्रदान किए जाने वाला सर्वोच्च वीरता सम्मान है। अधिकारियों ने कहा कि 38 वर्षीय वानी पिछले साल 25 नवंबर को मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए थे। वह साल 2004 में सेना में शामिल हुए थे।

ये सम्मान अतुल्य साहस और बहादुरी का परिचय होता है

जिस तरह परमवीर चक्र युद्धकल का सबसे बड़ा सैन्य सम्मान है, उसी तरह ही अशोक चक्र भारत का शांतिकाल का सबसे बड़ा सैन्य सम्मान है। ये सम्मान उन लोगों को दिया जाता है जो ज़रूरत पड़ने पर अतुल्य साहस और बहादुरी का परिचय देते हैं।

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