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एयर डिफेंस कोर ने मनाई रजत जयंती

एयर डिफेंस कोर की रजत जयंती

नई दिल्ली। थलसेना की आर्मी एयर डिफेंस कोर ने अपनी स्थापना की रजत जयंती यहां 10 जनवरी को मनायी। इस मौके पर यहां इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति पर कोर के एडजुटेंट जनरल लेफ्टिनेंट जनरल अश्विनी कुमार, महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल ए पी सिंह औऱ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने श्रद्धासुमन अर्पित किये।





कोर आफ आर्मी एयर डिफेंस थलसेना की सबसे नवीनतम शाखा है। इसने विभिन्न युद्धों,प्रतिविद्रोही कार्रवाई और राष्ट्रनिर्माण के कामों में अपना असीम योगदान दिया है। यह कोर अपने आसमान को दुश्मन की घुसपैठ से रोकने के लिये हमेशा चौकस रहती है। इस कोर का भारी आधुनिकीकरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

यह कोर खासकर 5,000 फीट से नीचे की हवाई घुसपैठों पर नजर रखती है और उन्हें आसमान में ही नष्ट करने की कोशिश करती है। इस कोर में करीब 85 हजार सैनिक और 6,000 अफसर हैं।

1994 में इस कोर को थलसेना की कोर ऑफ एयर डिफेंस आर्टिलरी से अलग किया गया था इसके सैनिकों को ट्रेनिंग देने के लिये एक स्वतंत्र आर्मी एयर डिफेंस कॉलेज की स्थापना की गई थी।

इसके रक्षात्मक शस्त्र भंडार में जमीन से आसमान में मार करने वाली आकाश सैम मिसाइल, एस- 125 पेछोरा, एस- 200, ओसा(सैम-8 ) स्ट्रेला- 10, तुंगुस्का, शिलका, स्टिंगर आदि हवाई रक्षा मिसाइलें शामिल होती हैं।

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