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यह है जहाजों का ‘कब्रिस्तान’, ‘शिप ब्रेकिंग’ से जुड़ी 7 खास बातें

दुनिया में हर चीज की एक उम्र होती है। एक समय सीमा होती है और इसके बाद वह बेकार यानी कबाड़ हो जाती है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बड़े-बड़े जहाज और शिप का रिटायर होने के बाद क्या होता है? वे कहां जाते हैं? जी हां,चाहे वह नौसेना के जहाज हों या फिर व्यापार करने वाले जहाज हों रिटायर होने के बाद कबाड़ हो जाते हैं और इन्हें इनके कब्रिस्तान में फेंक दिया जाता है। आइये आपको बताते हैं कि आखिर ये शिप कहां जाते हैं और इनका क्या होता है?





ब्रेकिंग शिपयार्ड यानी जहाजों का कब्रिस्तान

दुनिया भर में जहाजों की रीसाईकलिंग के लिए उन्हें तोड़ा व काटा जाता है। दुनिया के सबसे बड़े शिप ब्रेकिंग यार्ड्स में सबसे पहला नाम भारत का है। यहां  गुजरात के भावनगर से करीब 50 किमी की दूरी पर स्थित अलंग शिपयार्ड जहाजों का सबसे बड़ा कब्रिस्तान है। इसकी शुरुआत 30 साल पहले 1983 में हुई थी। बांग्लादेश का चिटगांव शिप ब्रेकिंग यार्ड व पाकिस्तान का कराची समुद्री तट पर स्थित गदानी शिप ब्रेकिंग यार्ड दूसरे नंबर पर आते हैं।

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