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खेल के मैदान में दम दिखाने वाले सेना के 9 जांबाज खिलाड़ी, ये है इनकी संघर्ष की पूरी कहानी

हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के गोल्डकोस्ट में संपन्न हुए ‘कॉमनवेल्थ गेम्स’ में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। आपको जानकार हैरानी होगी कि इनमें से नौ खिलाड़ी ऐसे भी थे जो किसी न किसी रूप में सेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सेना अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने सेना के खिलाड़ियों के इस उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की और 16 अप्रैल को पदक विजेताओं को सम्मानित किया। उन्होंने इन उत्कृष्ट खिलाड़ियों को अपने सतत एवं एकाग्र प्रयास जारी रखने एवं देश के लिए पदक जीतने के  लिए भी प्रोत्साहित किया। आइये जानते हैं कौन हैं ये बहादुर जवान जिन्होनें न सिर्फ मोर्चों पर बल्कि ‘कॉमनवेल्थ गेम्स’ में भी देश की किस्मत चमकाई :-





सूबेदार जीतू राय, सेना मेडल :  स्वर्ण पदक (शूटिंग)

भारतीय सेना के 11 गोरखा राइफल्स के नायब सूबेदार जीतू राय ने राष्ट्रमंडल खेलों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में नए रिकॉर्ड के साथ भारत को स्वर्ण पदक  दिलाया। जीतू राय को आज दुनिया पिस्टल किंग के नाम से बुलाती है। लेकिन ये पिस्टल किंग आज से 12 साल पहले छोटे से गांव में अपने खेतों में मक्के और आलू की फसल बोता था। उसका दूर-दूर तक शूटिंग से कोई नाता नहीं था। जीतू को शूटिंग बिल्कुल पसंद नहीं थी लेकिन उनका निशाना अच्छा था। यह देखकर उनके अधिकारियों ने उन्हें मऊ के आर्मी मार्कमेन यूनिट भेजा। उन्होंने निशानेबाज़ी में कड़ी मेहनत करनी शुरू की और वह शूटिंग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने लगे।

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