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छह माह के बच्चे ने दी शहीद पिता को मुखाग्नि, छलक पड़ीं हजारों आंखें

शहीद लोकेन्द्र सिंह
शहीद पिता लोकेन्द्र सिंह को मुखाग्नि देता 6 माह का बेटा

सीकर। नाथूसर गांव में उस वक्त हर आंख नम हो गई जब छह माह के बच्चे दक्षप्रताप सिंह ने अपने पिता शहीद लोकेन्द्र सिंह की चिता को मुखाग्नि दी। हजारों लोगों की उपस्थिति में नाथूसर के सपूत और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान लोकेन्द्र सिंह शेखावत का सोमवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के सम्मान में बीएसएफ और पुलिस की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। लोकेन्द्र सिंह रविवार को छत्तीसगढ़ के कांकेर में नक्सली हमले में शहीद हो गए थे।





शहीद लोकेन्द्र सिंह की अंतिम यात्रा में सिर्फ नाथूसर ही नहीं आसपास के गावों के हजारों लोग शामिल हुए। अंतिम संस्कार में मौजूद हजारों लोगों ने वन्दे मातरम औऱ शहीद लोकेन्द्र सिंह अमर रहे के नारों से आकाश को गुंजायमान कर दिया।

लोकेन्द्र सिंह वर्ष 2012 में सीमा सुरक्षा बल में भर्ती हुए थे। वह 175वीं बटालियन में तैनात थे। लोकेन्द्र सिंह की तीन वर्ष पहले शादी हुई थी। लोकेन्द्र के पिता किसान हैं और खेती करते हैं। उनका बड़ा भाई कुलदीप ड्राइवर है और प्राइवेट नौकरी करता है। सेना और अर्धसैनिक बलों में अपने बच्चों को भेजना नाथूसर गांव की परंपरा रही है। गांव के सैंकड़ों बेटे भारत-चीन और भारत-पाकिस्तान युद्ध में अपना पराक्रम दिखा चुके हैं।

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