Featured

चिट्ठी आती है, पूछे जाती है कि घर कब आओगे…..फौजियों की 11 तस्वीरें

संदेशे आते हैं हमें तड़पाते हैं…कि चिट्ठी आती है, पूछे जाती है कि घर कब आओगे…..!  बेशक  यह गीत जब भी सुनाई पड़ता है तो यकीनन हम खुद को फौजियों के करीब पाते हैं। आज भले ही चिट्ठियों कि जगह मोबाइल फोन या इंटरनेट ने ले ली हो। लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब वतन से दूर कई-कई  दिन या महीनों तक मोर्चे पर डटे फौजियों के लिए ये चिट्ठियां  अपनों के पास होने का एहसास  कराती रहीं है। आज हम आपके लिए लाए हैं कुछ ऐसी ही खास तस्वीरें जिन्हें देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि फौजियों के लिए कितनी महत्वपूर्ण रहीं ये साधारण सी चिट्ठियां :-





संदेशा आया है

जी हां, अपनों से दूर जब किसी जवान के नाम किसी अपने की चिट्ठी पहुंचती है तो उसके चेहरे पर एक ख़ुशी और रौनक छा जाती है। इस तस्वीर में आप देख सकते हैं कि पीछे बैठे दोनों जवान अपनी बारी के लिए कितने उत्सुक दिख रहे हैं। मानो कह रहे हों ‘हमारी चिटठी नहीं दोगे क्या डाक बाबू..?

Comments

Most Popular

To Top