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NIA Court : अजमेर ब्लास्ट केस में दो को उम्रकैद की सजा

जयपुर: बहुचर्चित अजमेर ब्लास्ट मामले में एनआईए की विशेष अदालत ने आज अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने दोषी पाए गए देवेंद्र गुप्ता और भावेश पटेल को उम्रकैद की सजा सुनाई है जबकि तीसरे दोषी सुनील जोशी की मौत हो चुकी है। कोर्ट ने 10 आरोपियों में से इन तीनों को ही दोषी करार दिया था।





इससे पहले कोर्ट ने स्वामी असीमानंद, हर्षद सोलंकी, मुकेश वासाणी, लोकेश शर्मा, मेहुल कुमार, भरत भाई को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था। वहीं, देवेंद्र गुप्ता, भावेश पटेल और सुनील जोशी को आईपीसी की धारा 120 बी, 195 और धारा 295 के अलावा विस्फोटक सामग्री कानून की धारा 3.4 व गैरकानूनी गतिविधियों के तहत दोषी पाया है।

देवेंद्र गुप्ता और भावेश पटेल (भगवा वस्त्र में) को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है

गौरतलब है कि 11 अक्टूबर 2007 को दरगाह परिसर में हुए बम विस्फोट में 3 लोग मारे गए थे और 15 लोग घायल हुए थे। विस्फोट के बाद पुलिस को तलाशी के दौरान एक लावारिस बैग मिला था जिसमें बम के साथ टाइमर लगा था।

149 गवाह हुए पेश

इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओेर से 149 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए, लेकिन अदालत में गवाही के दौरान 24 से अधिक गवाह अपने बयानों से मुकर गए थे। बचाव पक्ष की ओर से दो गवाह पेश किए गए। इस मामले में 8 आरोपी 2010 से न्यायिक हिरासत में हैं। एक आरोपी रमेश गोविल को जमानत मिलने के बाद मौत हो गई थी, जबकि एक और आरोपी सुनील जोशी की दिसंबर 2007 में मध्य प्रदेश में हत्या कर दी गई थी।

4 आरोपी अब भी फरार

इस मामले में चार आरोपी रमेश वेंकटराव, संदीप डांगे, रामजी कलसांगरा और सुरेश नायर अभी भी फरार हैं। राज्य सरकार ने मई 2010 में इस मामले की जांच राजस्थान पुलिस की एटीएस शाखा को सौंपी थी। बाद में केंद्र ने इस मामले को एक अप्रैल 2011 को एनआईए को सौंप दिया था।

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