NIA

जाकिर नाइक की 18.37 करोड़ की संपत्ति जब्त

नई दिल्ली: विवादित मुस्लिम धर्म प्रचारक जाकिर नाइक को एनआईए ने आज एक तरफ नोटिस जारी करके 30 मार्च तक एनआईए मुख्यालय में तलब किया तो दूसरी तरफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनकी 18.37 करोड़ रुपए की सम्पत्ति जब्त कर ली। ईडी ने यह कार्रवाई जाकिर नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 (पीएमएलए) के तहत की है।





इससे पहले पिछले दिनों ही जाकिर नाइक को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा था। हाईकोर्ट ने नाइक के बैंक खातों पर लगाई गई रोक को हटाने वाली याचिका को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि गृह मंत्रालय के पास उनके बैंक खातों पर बैन लगाने के लिए ठोस सबूत हैं। नाइक की याचिका खारिज करते हुए न्यायाधीश संजीव सचदेवा ने कहा, ‘संप्रभुता, अखंडता और व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्काल कार्रवाई की गई।’

आपको बता दें कि नाइक ने गैर कानूनी गतिविधियां (निरोधक) अधिनियम के तहत आईआरएफ पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगाने की केंद्रीय गृह मंत्रालय की नवंबर, 2016 की अधिसूचना को चुनौती दी थी।

एनआईए ने फिर भेजा नोटिस

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कई टीवी चैनलों के मालिक और संस्थाएं चलाने वाले विवादास्पद डॉक्टर जाकिर नाईक को फिर से नोटिस जारी कर 30 मार्च को जांच में सहयोग करने के लिए मुख्यालय तलब किया है। उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नोटिस जारी किया गया है। डॉक्टर नाईक के खिलाफ एनआईए ने विदेशों से धन लेने के सिलसिले में मामला दर्ज किया है।

एनआईए ने इससे पहले 7 मार्च को जाकिर नाईक को नोटिस भेजकर 14 मार्च तक एनआईए मुख्यालय में पेश होने के लिए कहा था लेकिन वह नहीं पहुंचे थे। एजेंसी ने डॉक्टर नाईक को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा है। 7 मार्च 2017 को भेजे गए नोटिस को उनके भाई डॉक्टर मोहम्मद अब्दुल करीम ने रिसीव किया था।

क्या है मामला

ईडी ने ज़ाकिर की संस्था के अकाउंट की छानबीन के दौरान 200 करोड़ रुपए के हेर-फेर का शक ज़ाहिर किया है। इसमें से 50 करोड़ ज़ाकिर की बहन नाइला के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किया गया था। इसके अलावा इस रकम का बाकी हिस्सा भी ऐसी 5 कंपनियों के अकाउंट में ट्रांसफर किया गया था जिसके डायरेक्टर्स में ज़ाकिर, ज़ाकिर की पत्नी फरहत ज़ाकिर नाइक और बहन नाइला शामिल हैं।

ईडी और एनआईए फ़िलहाल नाईक और उनकी संस्था से जुड़े 25 बैंक अकाउंट्स की जांच कर रही हैं। एजेंसी ने हाल में इस मामले में नाईक के करीबी सहयोगी आमिर गजदार को गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने इससे पहले नाइक के खिलाफ आतंकरोधी कानूनों के तहत मामला दर्ज किया था। उनके खिलाफ विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच शत्रुता को प्रोत्साहन देने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।

जाकिर नाईक के बारे में

  • जाकिर नाईक एक मुस्लिम गुरू, लेखक, वक्ता और पेशे से डॉक्टर भी हैं।
  • वह मुंबई के रहने वाले हैं। कई इस्लामी प्रचारकों के विपरीत, इनका व्याख्यान बोलचाल की भाषा में हैं।
  • एक सार्वजनिक वक्ता बनने से पहले जाकिर नाईक ने एक मेडिकल चिकित्सक के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त किया।
  • उन्होंने इस्लाम और तुलनात्मक धर्म पर व्याख्यानों की बुकलेट संस्करणों को भी प्रकाशित किया है।
  • सार्वजानिक रूप से जाकिर नाईक ने इस्लाम में सांप्रदायिकता को अस्वीकार किया है, कुछ लोग इन्हें सलाफी विचारधारा के प्रचारक के रूप में मानते हैं और कुछ जाकिर नाईक को वहाबी विचारधारा के एक कट्टरपंथी इस्लामी प्रचारक के रूप में जानते हैं।

Comments

Most Popular

To Top