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अजमेर ब्लास्ट: NIA कोर्ट ने फैसला 8 मार्च तक टाला

Ajmer Blast

जयपुर: एनआईए की विशेष अदालत ने शनिवार को 2007 के अजमेर दरगाह बम विस्फोट मामले में अपना फैसला टाल दिया है। अब फैसला 8 मार्च को सुनाया जाएगा। अदालत ने कहा, ‘चूंकि मामला पेंचीदा है, इसलिए अभियोजन और बचाव पक्ष द्वारा प्रस्तुत सभी दस्तावेजों का अध्ययन करने के लिए और अधिक समय की जरूरत है।’





इस मामले में स्वामी असीमानंद, देवेंद्र गुप्ता, चंद्रशेखर लेवे, मुकेश वसानी, भारत मोहन रतेश्वर, लोकेश शर्मा और हर्षद सोलंकी पर मुकदमा दर्ज है। इन सभी पर धमाके की साजिश रचने, विस्फोटक रखने, हत्या और सांप्रदायिक सद्भाव को खराब करने समेत कई आरोप लगाए गए हैं। 11 अक्टूबर 2007 को हुए इस धमाके में 3 लोगों की जान गई थी जबकि 17 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। 2011 में इस मामले को एनआईए को सौंप दिया गया था।

इस केस में तब नया मोड़ आ गया था जब गवाह भावेश पटेल ने तत्कालीन गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह समेत कई कांग्रेसी नेताओं पर यह आरोप लगाया था कि वे लोग संघ प्रमुख मोहन भागवत और इंद्रेश कुमार को फंसाने का उस पर दबाव डाल रहे हैं।

क्या था पूरा मामला?

11 अक्टूबर, 2007 की शाम करीब सवा छह बजे अजमेर दरगाह में ब्लास्ट हुआ था। इस ब्लास्ट में तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 15 लोग घायल हुए थे। इस मामले में कुल 184 लोगों के बयान दर्ज किए गए, जिसमें 26 गवाह अपने बयानों से मुकर गए थे। चार्जशीट के अनुसार, आरोपियों ने 2002 में अमरनाथ यात्रा और रघुनाथ मंदिर पर हुए हमले का बदला लेने के लिए अजमेर शरीफ दरगाह और हैदराबाद की मक्का मस्जिद में बम ब्लास्ट की साजिश रची थी। पुलिस ने ब्लास्ट की जगह से 2 सिम कार्ड और एक मोबाइल बरामद किया था। सिम कार्ड झारखंड और पश्चिम बंगाल से खरीदे गए थे। घटनास्थल से एक थैले में रखा जिंदा बम बरामद किया गया था।

सीबीआई और एनआईए पर लगा आरोप

मुकरने वाले गवाहों में झारखंड के मंत्री रणधीर सिंह भी शामिल थे। मामले की जांच के बाद कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें कुछ आरोपियों ने मजिस्ट्रेट के सामने बम ब्लास्ट के आरोप कबूल भी किए थे। बाद में सभी आरोपियों और गवाहों ने CBI और NIA पर डरा-धमकाकर बयान दर्ज करवाने का आरोप लगाया।

संघ के इंद्रेश कुमार का नाम भी शामिल

खास बात यह है कि चार्जशीट में बतौर साजिशकर्ता संघ के इंद्रेश कुमार का भी नाम शामिल किया गया। चार्जशीट में इंद्रेश कुमार के जयपुर के गुजराती भवन में बैठक कर ब्लास्ट की प्लानिंग की बात लिखी है। वहीं, एनआईए ने इंद्रेश कुमार को आरोपी नहीं बनाया। भवेश पटेल नामक शख्स ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर उसे धमकाकर बम ब्लास्ट की बात स्वीकारने का आरोप लगाया था।

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