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नारद घूस काण्ड : सीबीआई जांच पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर

सीबीआई मुख्यालय

कोलकाता। नारद स्टिंग मामले में बंगाल की सत्तारूढ तृणमूल कांग्रेस की मुश्किलों में लगातार इजाफा होता जा रहा है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने नारदा मामले की सीबीआई जांच पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। हालांकि 72 घंटे के भीतर दर्ज की जाने वाले निर्देश को बढ़ाकर एक महीना कर दिया है। दोपहर बजे के करीब मामले की सुनवाई शुरू हुई थी।





राज्य सरकार की ओर से कांग्रेस के दिग्गज नेता व अधिवक्ता कपिल सिब्बल तथा अभिषेक मनु सिंघवी ने मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जे. एस. खेहर की खंडपीठ में अपना पक्ष रखते हुये कहा कि मामले की जांच के लिए कोलकाता पुलिस पर्याप्त है। मामले की जांच सीबीआई से करवाने की कोई जरूरत नहीं। इसके बाद खंडपीठ ने कहा कि स्टिंग फुटेज की सीएफएल में जांच की जा चुकी है और उसमें यह पूरी तरह से सच साबित हुआ है। मामले में प्रशासनिक अधिकारी भी लिप्त हैं। ऐसे में इसकी सीबीआई जांच का फैसला बिल्कुल सही है और इस पर रोक नहीं लगायी जायेगी।

इस मामले में तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं को कैमरे पर कथित तौर पर धन लेते हुए दिखाया गया था। इस पर कलकत्ता हाई कोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। हाई कोर्ट के इसी फैसले को तृणमूल कांग्रेस स्वागत राय और अन्य नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

उल्लेखनीय है कि सारधा समेत रोजवैली व अन्य चिटफंड मामलों में चल रही सीबीआई जांच के बीच कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को नारदा मामले की सीबीआई जांच का निर्देश दिया था।

गौरतलब है कि साल 2016 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले नारद स्टिंग के टेप विभिन्न समाचार संगठनों को जारी किए गए थे। इसमें कुछ नेता कथित तौर पर घूस लेते दिखाई दिए थे। नारद न्यूज की तरफ से अदालत को बताया गया था कि रिकॉर्डिंग आईफोन की मदद से की गई थी।

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