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कभी लालू के मामले में पीएम की भी नहीं सुनी थी जोगिंदर सिंह ने!!

जोगिंदर-सिंह, सीबीआई

नई दिल्ली: ‘सर, ये आप लिखित में दे दीजिए मैं उन्हें छोड़ दूंगा….’ कुछ ऐसा ही सीबीआई के डायरेक्टर रहे जोगिंदर सिंह ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंद्रकुमार गुजराल से कहा था। दरअसल, गुजराल ने जोगिंदर सिंह से बिहार के पूर्व सीएम लालू यादव को बिहार के चर्चित चारा घोटाले में बचाने की बात कही थी। उत्तर में उन्होंने कहा कि आप यह बात लिखकर दे दें मैं लालू यादव को छोड़ दूंगा। ऐसे उसूलों वाले सीबीआई के पूर्व निदेशक जोगिंदर सिंह का लंबी बीमारी की वजह से 77 वर्ष की आयु में 03 फरवरी 2017 को दिल्ली में निधन हो गया।





जोगिंदर-सिंह, प्रणब-मुखर्जी

एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के साथ जोगिंदर सिंह। (फाइल फोटो)

‘साफगोई’ जोगिंदर सिंह के कारनामे

  • जोगिंदर कर्नाटक कैडर के 1961 बैच के आईपीएस अधिकारी थे।
  • वह सिर्फ 11 महीने (1996-1997) सीबीआई डायरेक्टर रहे। उन्हें साफगोई के लिए जाना जाता है।
  • बोफोर्स, चारा घोटाला, चंद्रा स्वामी, सेंट किट्स घोटाला और रक्षा सौदे में घोटाले जैसे बड़े मामलों की जांच की थी।
  • चारा घोटाले में लालू यादव की गिरफ्तारी का आदेश इन्होंने ही दिया था।
  • सरकारी दखलंदाजी से जब उन्होंने नाराजगी जताई तो उन्हें पोस्ट से हटा दिया गया।
  • आईटीबीपी, सीआईएसएफ, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और आरपीएफ के डायरेक्टर जनरल रह चुके हैं।
  • गृह मंत्रालय में स्पेशल सेक्रेटरी भी रहे।

सीबीआई की स्वायत्तता पर उठाए सवाल

चार साल पहले एक आर्टिकल में जोगिंदर सिंह ने सीबीआई को चुनाव आयोग और कैग जैसे अधिकारी देने की बात कही थी। उन्होंने लिखा था कि सीबीआई को चुनाव आयोग और कैग जैसे पावर देकर उसे सरकार के दायरे से अलग करना चाहिए क्योंकि कहीं ना कहीं ये सबसे बड़ी एजेंसी दबाव में काम करती है।  उन्होंने कई किताबें में लिखी इनमें से ‘इनसाइड सीबीआई एंड आउटसाइड सीबीआई’ में किए कुछ खुलासों पर विवाद भी हुआ था।

पीएम से टकरा गए थे जोगिंदर सिंह

जोगिंदर सिंह 1996 में हुए बिहार के चर्चित चारा घोटाले मामले में लालू यादव की गिरफ्तारी को लेकर तत्कालीन पीएम इंद्र कुमार गुजराल से भी टकरा गए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि इंद्र कुमार गुजराल पीएम थे जो लालू की ही पार्टी (उस दौरान जनता दल) के मेंबर थे। गुजराल ने उन्हें लालू की गिरफ्तारी ना करने के आदेश दिए थे। 

प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के दबाव में भी नहीं आए थे जोगिंदर सिंह, लालू को जाना पड़ा था जेल

गिरफ्तारी का आदेश देते ही ट्रांसफर

जोगिंदर सिंह ने एक साक्षात्कार में बाताया था कि एक बार तत्कालीन पीएम गुजराल ने मुझे ऑफिस बुलाया और मिठाई खिलाई। उसके बाद उन्होंने कहा कि लालू जी हमारी पार्टी के चीफ हैं। इनका ध्यान रखिएगा। मैंने उनसे कहा कि आप लिखकर दीजिए। गुजराल बोले- मैं पीएम हूं। मैंने कहा- आप पीएम जरूर हैं लेकिन मुझे ऑर्डर पेपर पर चाहिए। सिंह ने यह भी बताया था कि जैसे ही उन्होंने लालू की गिरफ्तारी के ऑर्डर दिए और मीडिया को इसके बारे में बताया। उसके ठीक बाद उनका स्थानांतरण कर दिया गया।

विदेशों में किया देश का नेतृत्व

जोगिंदर सिंह ने भारत सरकार की तरफ से ब्रिटेन, अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ईरान, यूएई, हांगकांग और स्विटजरलैंड गए प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व किया था।

कई किताबें भी लिखीं

जोगिंदर सिंह ने कई किताबें लिखीं, इनमें से कुछ सीबीआई और पुलिस पर भी थीं

‘मेक अ वे वेयर देयर इज नॉन’, ’50 डेज टू टॉप’, ‘इनसाइड सीबीआई’, ‘सम अनटोल्ड टेल्स’, ‘विदाउट फियर एंड फेवर’, ‘इनसाइड इंडिया’ ‘पॉजिटिव थिंकिंग’ जैसी पुस्तकें भी लिखी हैं।

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